आचार्य चाणक्य
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पानी सदैव कपड़े से छानकर पिएं
आचार्य चाणक्य इस श्लोंक के माध्यम से कहते हैं कि पानी को सदैव छानकर पीना चाहिए। इससे आपका शरीर स्वस्थ रहता है। पहले के समय में तालाब, कुंआ, पोखरों से पानी पीने के लिए लाया जाता था। ऐसे में चाणक्य ने कहा कि पानी छानकर ही पीना चाहिए।