हिंदी पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह में दोनों पक्षो कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में एकादशी का व्रत किया जाता है। इस तरह से एक माह में दो और एक वर्ष में 24 एकादशी की तिथियां पड़ती हैं। शास्त्रों में एकादशी तिथि के व्रत को सभी व्रतों में श्रेष्ठ बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार जो मनुष्य श्रद्धा पूर्वक हर एकादशी का व्रत करता है, उसके जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। व्यक्ति के पापकर्म नष्ट होते हैं और इस लोक के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। प्रत्येक एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित किया जाता है परंतु हर एकादशी का अपना एक अलग महत्व माना गया है। आषाढ़ माह में कृष्ण पक्ष के दौरान योगिनी एकादशी पड़ती है। यह एकादशी दो महत्वपूर्ण एकादशी व्रतों के मध्य, निर्जला के पश्चात व देवशयनी एकादशी से पहले पड़ती है। इस बार योगिनी एकादशी का व्रत 05 जून 2021 सोमवार को किया जाएगा। योगिनी एकादशी का महातम्य तीनों लोकों में माना गया है। इस दिन व्रत करने से मनुष्य को सुख-समृद्धि और अच्छा स्वास्थय प्राप्त होता है। तो आइए जानते हैं योगिनी एकादशी का महत्व पूजा विधि शुभ मुहूर्त व व्रत नियम।