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Shardiya Navratri 2025: महानवमी पर हवन क्यों जरूरी है? जानें इसकी सरल विधि और धार्मिक महत्व

Tue, 23 Sep 2025 05:09 PM IST
शिखर बरनवाल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नवरात्रि की पूजा महानवमी हवन के बिना अधूरी मानी जाती है। आइए इस लेख में जानते हैं कि हवन का धार्मिक महत्व क्या है? और साथ ही इसे करने की सरल विधि व आवश्यक सामग्री के बारे में जानते हैं, ताकि आपकी नौ दिनों की साधना सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
 
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शारदीय नवरात्रि 2025 - फोटो : अमर उजाला
Religious Significance of Havan: शारदीय नवरात्रि का पर्व शुरू हो चुका है और नौवें दिन महानवमी का त्योहार मनाया जाएगा, जो इस वर्ष 1 अक्टूबर 2025 को है। यह नवरात्रि साधना का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। नौ दिनों तक मां दुर्गा की कठिन उपासना और व्रत के बाद, महानवमी के दिन हवन करने का विधान है। शास्त्रों के अनुसार, बिना हवन के नवरात्रि की पूजा और व्रत अधूरा माना जाता है और साधक को उपासना का पूर्ण फल नहीं मिल पाता है।

हवन एक पवित्र वैदिक अनुष्ठान है, जिसके माध्यम से न केवल देवी-देवताओं का पूजन किया जाता है, बल्कि आसपास के वातावरण को भी शुद्ध किया जाता है। यह नौ दिनों की भक्ति और संकल्प की पूर्णाहुति का प्रतीक है, जिससे मां दुर्गा प्रसन्न होकर साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।
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नवरात्रि में हवन का महत्व - फोटो : Adobe Stock
क्या है हवन का धार्मिक महत्व?
हिंदू धर्म में अग्नि को देवों का मुख माना गया है 'अग्निमुखं वै देवाः'। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हवन के दौरान पवित्र अग्नि में दी जाने वाली आहुति (घी, हवन सामग्री आदि) सीधे देवी-देवताओं तक पहुंचती है। महानवमी पर किया गया हवन, नौ दिनों की पूजा में हुई किसी भी भूल-चूक के लिए क्षमा प्रार्थना और देवी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक माध्यम है। इससे देवी प्रसन्न होती हैं और शाल भर के लिए घर में उनका आशीर्वाद बना रहता है।

 
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नवरात्रि में हवन का महत्व - फोटो : Adobe Stock
वातावरण की शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा
हवन में आम की लकड़ी, कपूर, घी और विभिन्न प्रकार की जड़ी-बूटियों (हवन सामग्री) का उपयोग होता है। जब ये सामग्री अग्नि के संपर्क में आती हैं, तो इनसे उत्पन्न धुआं वातावरण में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस को नष्ट करता है। यह घर से नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है, जिससे परिवार में सुख-शांति और आरोग्य का वास होता है।

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नवरात्रि में हवन का महत्व - फोटो : Adobe Stock
हवन के लिए आवश्यक सामग्री
घर पर सरल हवन करने के लिए कुछ आवश्यक सामग्रियों की जरूरत होती है। इनमें एक छोटा हवन कुंड, आम की लकड़ी, गाय का शुद्ध घी, कपूर, अक्षत, हवन सामग्री (जौ, काले तिल, चावल, शक्कर आदि का मिश्रण), और एक सूखा नारियल या गोला शामिल हैं। पूजा शुरू करने से पहले इन सभी सामग्रियों को एक स्थान पर एकत्रित कर लें।

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नवरात्रि में हवन का महत्व - फोटो : Adobe Stock
हवन की सरल विधि
सबसे पहले हवन कुंड को साफ स्थान पर स्थापित करें। आम की लकड़ियों को व्यवस्थित ढंग से रखकर कपूर की सहायता से अग्नि प्रज्ज्वलित करें। इसके बाद गणेश जी और नवग्रहों का ध्यान करते हुए घी से आहुति दें। फिर मां दुर्गा के नवार्ण मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे स्वाहा' का 108 बार जाप करते हुए घी और हवन सामग्री से आहुति दें। अंत में एक सूखे गोले में छेद कर उसमें घी भरकर पूर्ण आहुति दें, इसके बाद आरती करें और क्षमा याचना करें।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
 
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