फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आखिर कुंडली में क्यों लगता है पितृदोष? जानिए क्या है इसके अशुभ प्रभावों को रोकने का उपाय

Mon, 05 Jul 2021 02:59 PM IST
संकल्प सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
कुंडली में पितृ दोष लगना काफी अशुभ माना जाता है। इसके लगने से व्यक्ति के जीवन में तमाम तरह की परेशानियां खड़ी होती हैं। ऐसे में आज हम जानेंगे कि आखिर कुंडली में पितृ दोष क्यों लगता है और इसके अशुभ प्रभावों को रोकने के क्या उपाय हैं? कुंडली में पितृदोष लगने से व्यक्ति को अपने जीवन में कई तरह की अड़चनों का सामना करना पड़ता है। इसके परिणाम काफी घातक होते हैं। व्यक्ति के जीवन में धन की कमी हमेशा बनी रहती है। बने हुए काम बिगड़ जाते हैं। गर्भधारण में कई तरह की समस्याएं आती हैं। व्यक्ति जीवन भर अपनी जिंदगी में उतार-चढ़ाव का सामना करता है। मान्यता है कि जो लोग अपने माता पिता की इज्जत नहीं करते और मृत्यु के बाद अपने पितरों का श्राद्ध नहीं करते। उनके अगले जन्म के जीवन में कुंडली के अंदर पितृ दोष पाया जाता है। यदि आपके जीवन में भी कोई काम सफल नहीं हो पा रहा है और रास्ते में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, तो हो सकता है कि आपकी कुंडली में भी पितृ दोष है। ऐसे में आपको अपनी कुंडली किसी ज्योतिष को जरूर दिखानी चाहिए। पितृदोष के अशुभ प्रभावों को रोकने के कई उपाय हैं। आइए जानते हैं -
विज्ञापन

2 of 5
महादेव - फोटो : Social media
पितृ दोष के प्रभाव को कम करने के लिए महादेव की मूर्ति के सामने इस मंत्र (ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय च धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात) का जाप करें। अपने पितरों की मुक्ति के लिए श्रद्धापूर्ण ढंग से प्रार्थना करें। ऐसे में पितृ दोष का प्रभाव जीवन से धीरे-धीरे कम होने लगेगा और जीवन में आने वाली कई दिक्कतें अपने आप हट जाएंगी।
विज्ञापन

3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
यदि आपकी कुंडली में पितृ दोष है तो आपको ऐसे मंदिर में जाना चाहिए जहां पर एक पीपल का वृक्ष हो। वहां जाकर आप पीपल के वृक्ष पर दूध और जल मिलाकर अर्पित करें। इसके अलावा शाम के वक्त मंदिर में जाकर पीपल के वृक्ष के नीचे सरसो के तेल का दीपक जलाएं। इससे पितृ प्रसन्न हो जाते हैं और जीवन से कई सारे दुखों का निवारण होने लगता है। 

4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pti
अमावस्या के दिन गाय को पांच तरीके से जरूर फल खिलाएं। इसके साथ बबूल के पेड़ के नीचे भोजन को रखें। अमावस्या के दिन आप पितरों के लिए पवित्रता के साथ भोजन बनाएं। इसके अलावा चावल बूरा, घी और एक रोटी गाय और कौआ को खिलाएं। पूर्वजों के नाम से दूध, चीनी और सफेद कपड़ा मंदिर में गरीब और असहाय लोगों को दान दें। इससे पितृ खुश होते हैं और जीवन में आने वाली कई अड़चनें खत्म हो जाती हैं और पितृ दोष भी समाप्त हो जाता है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
पूजा के बाद अपने पितरों से आपसे हुई भूल-चूक की क्षमा मांगे। ऐसे में पितृ प्रसन्न होते हैं और कुंडली में पाया जाने वाले पितृ दोष का प्रभाव कम होने लगता है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें