महाभारत में विदुर कौरवों और पांडवों के काका थे, परंतु उन्होंने युद्ध में किसी की भी ओर से युद्ध नहीं करने का निर्णय लिया। महात्मा विदुर अत्यंत ज्ञानी और दूरदर्शी थे। उन्होंने सबसे पहले ही बता दिया था कि महाभारत के युद्ध का परिणाम बहुत ही घातक होगा। विदुर जी के द्वारा बताई गई बातें आज भी विदुर नीति के रूप में प्रचलित हैं। विदुर जी की शिक्षाएं आज भी मनुष्य के जीवन में बहुत महत्व रखती हैं। विदुर जी ने चार ऐसे भावों के बारे में बताया है जिनसे मनुष्य अपने जीवन में कभी न कभी अवश्य फंसता है, यदि वह इन भावों पर समय रहते नियंत्रण पा लेता है तो वह बुद्धिमान कहलाता है अन्यथा इन भावों के भंवर में फंसकर मनुष्य अपना जीवन बर्बाद हो जाता है।