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वामन जयंती 2026: कब मनाई जाएगी वामन जयंती? जानें पूजा का शुभ समय, पूजा विधि और धार्मिक महत्व

Mon, 21 Sep 2026 01:09 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

भगवान विष्णु के वामन अवतार को समर्पित वामन जयंती हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। 2026 में यह पर्व भाद्रपद शुक्ल द्वादशी के दिन मनाया जाएगा। इस दिन भगवान वामन की पूजा और व्रत करने की परंपरा है। जानें वामन जयंती की सही तिथि, पूजा विधि और धार्मिक महत्व।
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वामन जयंती 2026 - फोटो : अमर उजाला

Vamana Jayanti: हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों का विशेष महत्व बताया गया है। इन्हीं में से एक है भगवान वामन का अवतार। हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को वामन जयंती मनाई जाती है। इस दिन भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा करने और व्रत रखने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रद्धा के साथ भगवान वामन की आराधना करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।
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वामन जयंती 2026 - फोटो : ai

कब है वामन जयंती?
पंचांग के अनुसार, वामन जयंती 23 सितंबर 2026, बुधवार को मनाई जाएगी। भाद्रपद शुक्ल द्वादशी तिथि की शुरुआत 22 सितंबर की रात 9:43 बजे होगी और इसका समापन 23 सितंबर की रात 10:50 बजे होगा। इस दिन श्रवण नक्षत्र का भी संयोग रहेगा। श्रवण नक्षत्र 22 सितंबर की सुबह 7:06 बजे शुरू होकर 23 सितंबर की सुबह 9:09 बजे तक रहेगा। वामन जयंती को कई जगह वामन द्वादशी के नाम से भी जाना जाता है।

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वामन जयंती 2026 - फोटो : ai

भगवान विष्णु का कौन सा अवतार हैं वामन?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान वामन भगवान विष्णु के दशावतारों में पांचवें अवतार हैं। मत्स्य, कूर्म, वराह और नरसिंह अवतार के बाद भगवान विष्णु ने वामन रूप धारण किया था। मान्यता है कि भगवान वामन का जन्म भाद्रपद शुक्ल द्वादशी को हुआ था। उनके माता-पिता माता अदिति और ऋषि कश्यप माने जाते हैं। भगवान वामन ने अपने इस अवतार में राजा बलि से तीन पग भूमि मांगी थी। इसी प्रसंग से जुड़ी कथा वामन जयंती के धार्मिक महत्व को खास बनाती है।

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वामन जयंती 2026 - फोटो : ai

वामन जयंती पर कैसे करें पूजा?

  • वामन जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ कपड़े पहनें।
  • इसके बाद भगवान वामन का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लिया जाता है।
  • पूजा स्थान को साफ करके वहां चौकी रखें और उस पर पीला या लाल कपड़ा बिछाएं।
  • इसके बाद भगवान वामन अथवा भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
  • पूजा में भगवान गणेश और माता लक्ष्मी का स्मरण भी किया जा सकता है।
  • भगवान वामन का आवाहन करते हुए “ॐ नमो भगवते वामनाय नमः” मंत्र का जाप करें।
  • इसके बाद पंचामृत और स्वच्छ जल से भगवान का अभिषेक करें।
  • उन्हें पीले वस्त्र, चंदन, अक्षत, पीले फूल और तुलसी दल अर्पित करें।
  • इसके बाद धूप और दीप जलाकर भगवान को फल या अन्य सात्विक भोग अर्पित करें।
  • वामन अवतार से जुड़ी कथा का पाठ या श्रवण करें और अंत में भगवान वामन की आरती करें।
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वामन जयंती 2026 - फोटो : ai

वामन जयंती का क्या है महत्व?
वामन जयंती को भगवान विष्णु की आराधना और उनके वामन स्वरूप का स्मरण करने का दिन माना जाता है। भक्त इस दिन व्रत, पूजा, कथा और दान-पुण्य जैसे धार्मिक कार्य करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है। व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार पूजा-पाठ और दान करते हैं।

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वामन जयंती पर क्या करें? - फोटो : Adobe Stock

वामन जयंती पर क्या करें?
इस दिन भगवान वामन की पूजा के साथ जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, वस्त्र या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करना शुभ माना जाता है। भगवान विष्णु को तुलसी अर्पित करना और विष्णु मंत्र का जाप करना भी पूजा का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, पूजा की विधि और शुभ समय अलग-अलग पंचांग या क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार कुछ भिन्न हो सकते हैं। इसलिए स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त की पुष्टि करना उचित रहेगा।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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