बिल्वपत्र तोड़ने के नियम (सांकेतिक तस्वीर)
इन तिथियों को बिल्वपत्र तोड़ना वर्जित माना गया है। लिंगपुराण में कहा गया है कि
अमारिक्तासु संक्रान्त्यामष्टम्यामिन्दुवासरे ।
बिल्वपत्रं न च छिन्द्याच्छिन्द्याच्चेन्नरकं व्रजेत ॥
अर्थात् अमावस्या, संक्रांति, चतुर्थी, अष्टमी, नवमी और चतुर्दशी तिथियों तथा सोमवार को बिल्व-पत्र नहीं तोड़ना चाहिए।