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Sarva Pitru Amavasya: सर्व पितृ विसर्जनी अमावस्या पर इस विधि से करें श्राद्ध, जानें सही समय और नियम

Tue, 09 Sep 2025 12:33 PM IST
ज्योति मेहरा पं. मुक्तिरथ झा

सार

यह अमावस्या पितृ पक्ष का अंतिम दिन है, जब सभी पितरों की आत्माओं की मुक्ति के लिए विशेष श्राद्ध और विसर्जन किए जाते हैं।
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सर्व पितृ विसर्जनी अमावस्या 2025 - फोटो : Amar Ujala
Sarva Pitru Visarjani Amavasya: यद्यपि प्रत्येक अमावस्या पितरों के लिए पुण्यतिथि होती है, लेकिन आश्विन मास की अमावस्या पितरों के लिए परम फलदायिनी है। इस अमावस्या को सर्व पितृ विसर्जनी अमावस्या यानी महालया भी कहा गया है, जो व्यक्ति पितृ पक्ष के 15 दिनों में श्राद्ध नहीं कर पाता और जिन पितरों की मृत्यु तिथि ज्ञात न हो, उनके लिए निराधार, तपस्वी, बलि आदि इसी अमावस्या को किया जाता है। विष्णु धर्मसूत्र में इस दिन पिंडदान को अनिवार्य कहा गया है, क्योंकि पितृ पक्ष की यह अंतिम तिथि है।

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श्राद्ध किस समय करें - फोटो : freepik
श्राद्ध किस समय करें
श्राद्ध विधियों के लिए ‘श्राद्ध कुतप वेला’ श्रेष्ठ मानी गई है। कुतप वेला दिन का आठवां मुहूर्त होता है, जो दिन में 11:36 से 12:24 बजे तक रहता है। इस समयावधि में ही श्राद्ध, पितृ तर्पण आदि कर्म श्रेष्ठ माने गए हैं। इस दिन पर्वतों में गंगाश्रय श्राद्ध तथा श्राद्ध का विधिवत तर्पण विशेष पुण्यदायक होता है। गरुड़ पुराण में श्राद्ध माहात्म्य के अनुसार, श्राद्ध की प्रमुख विशेषता यही बताई गई है। श्राद्ध का फल सीधे पितरों को प्राप्त होता है। साथ ही पांच बलियों प्रकरण में मनुष्यों, गाय, कुत्ते, देवता और पितरों का स्थान कहा गया है।
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सर्व पितृ विसर्जनी अमावस्या पर इस विधि से करें श्राद्ध - फोटो : amar ujala
ये भी करें
  • स्त्रियां श्राद्ध में संकल्प लेकर तिलांजलि दे सकती हैं। वे भी तो पुरुष रूप में मानी जाती हैं।
  • श्राद्ध विधि के अंतर्गत पितरों का ध्यान कर, हाथ में चावल या काले तिल लेकर श्राद्ध का संकल्प करें। इस दिन ब्राह्मणों को खिलाएं और उन्हें यथाशक्ति दान करें। फिर पितरों को समर्पित श्राद्ध तर्पण करके पितरों को श्रद्धापूर्वक तृप्त करना चाहिए।

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सर्व पितृ विसर्जनी अमावस्या पर इस विधि से करें श्राद्ध - फोटो : adobe stock
  • आप पितरों का श्राद्ध करते समय यह संकल्प करें- ‘मैं अमुक-अमुक पितरों का श्राद्ध विधिपूर्वक कर रहा हूं। कृपया आप लोग इसे स्वीकार करें।’
 
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सर्व पितृ विसर्जनी अमावस्या पर इस विधि से करें श्राद्ध - फोटो : amar ujala
  • श्राद्ध दिवस पर श्रीमद्भगवद्गीता, गरुड़ पुराण आदि का पाठ करें। श्राद्ध के समय पिंड देते समय यह कहें- ‘ॐ सोमाय पितृमते नमः’, ‘ॐ पितृभ्यः नमः’ कहते हुए पिंड दें। फिर तर्पण करें, तिलों का अंजलि से दिया गया तर्पण पितरों को मिलता है। पितृगण अदृश्य होते हैं और वे देवता हैं। आप हमारे परिवार की रक्षा करें। हमारा कल्याण करें। अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा करें।
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