फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sankashti Chaturthi 2023: बहुला चतुर्थी आज, जानिए श्री कृष्ण और गणेश जी की पूजा विधि, महत्व एवं शुभ मुहूर्त

Sun, 03 Sep 2023 08:33 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
संकष्टी चतुर्थी और बहुला चतुर्थी व्रत की पूजा विधि - फोटो : iStock
Sankashti Chaturthi 2023: आज यानी 03 सितंबर 2023 को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी है। इस चतुर्थी को बहुला चतुर्थी या बहुला चौथ के नाम से जाना जाता है। इस दिन गणेशजी की पूजा के साथ-साथ श्री कृष्ण और गायों का पूजन किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखकर भगवान श्री कृष्ण और गणेश जी की पूजा करने से संतान की प्राप्ति होती है। साथ ही साधक को बल, बुद्धि, विद्या और धन-धान्य का आशीर्वाद मिलता है। इस दिन संकष्टी चतुर्थी के साथ-साथ बहुला चतुर्थी का व्रत भी रखा जाता है, इसलिए इसे कृष्ण चतुर्थी या बहुला चौथ के नाम से जाना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं बहुला चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व... 

Ganesh Utsav 2023: इस साल कब से हो रही है गणेश उत्सव की शुरुआत, जानें गणपति स्थापना की विधि और मुहूर्त 
 
विज्ञापन

2 of 5
संकष्टी चतुर्थी और बहुला चतुर्थी व्रत की पूजा विधि - फोटो : iStock
भाद्रपद चतुर्थी 2023 तिथि
पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 02 सितंबर को रात 08 बजकर 49 मिनट से शुरू होकर 03 सितंबर को शाम 6 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि 03 सितंबर को प्राप्त हो रही है। ऐसे में संकष्टी चतुर्थी और बहुला चतुर्थी का व्रत 03 सितंबर 2023, रविवार के दिन रखा जा रहा है। 
विज्ञापन

3 of 5
संकष्टी चतुर्थी और बहुला चतुर्थी व्रत की पूजा विधि - फोटो : istock
बहुला चतुर्थी की पूजा विधि
  • बहुला चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद व्रत-पूजा का संकल्प लें।
  • शाम के समय भगवान गणेश, भगवान श्री कृष्ण और गौ माता की उपासना करें। 
  • पूजा के लिए भगवान श्रीकृष्ण के किसी ऐसे चित्र या प्रतिमा को पूजा स्थान पर स्थापित करें, जिसमें उनके साथ गाय भी हो।
  • सबसे पहले भगवान को कुमकुम तिलक लगाएं और हार-फूल अर्पित करें। शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इसके बाद अबीर-गुलाल आदि चीजें चढ़ाएं।
  • कृष्ण और गणेश जी की पूजा के बाद गाय सहित बछडे़ की पूजा करें। 
Jivitputrika Vrat 2023: संतान की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है जितिया व्रत, जानें इसका महत्व और पूजा विधि
 

4 of 5
संकष्टी चतुर्थी और बहुला चतुर्थी व्रत की पूजा विधि - फोटो : iStock
बहुला चतुर्थी महत्व
धार्मिक मान्याताओं के अनुसार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दिन भगवान गणेश की उपासना के साथ ही गौ माता की भी उपासना की जाती है। मान्यता है कि बहुला चतुर्थी के दिन गाय माता की पूजा और सेवा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश और चंद्र देव की उपासना करने से जीवन में आ रही कई प्रकार की समस्याएं दूर हो जाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
संकष्टी चतुर्थी और बहुला चतुर्थी व्रत की पूजा विधि - फोटो : istock
बहुला चतुर्थी व्रत कथा
पौराणिक ग्रंथों के अनुसार कृष्णजी की लीलाओं को देखने के लिए कामधेनु गाय ने बहुला के रूप में नन्द की गोशाला में प्रवेश किया। कृष्ण जी को यह गाय बहुत पसंद आई, वे हमेशा उसके साथ समय बिताते थे। बहुला का एक बछड़ा भी था, जब बहुला चरने के लिए जाती तब वो उसको बहुत याद करता था।एक बार जब बहुला चरने के लिए जंगल गई, चरते चरते वो बहुत आगे निकल गई, और एक शेर के पास जा पहुंची। शेर उसे देख खुश हो गया और अपना शिकार बनाने की सोचने लगा।बहुला डर गई, और उसे अपने बछड़े का ही ख्याल आ रहा था ।जैसे ही शेर उसकी ओर आगे बढ़ा, बहुला ने उससे बोला कि वो उसे अभी न खाए, घर में उसका बछड़ा भूखा है, उसे दूध पिलाकर वो वापस आ जाएगी, तब वो उसे अपना शिकार बना ले।शेर ने कहा कि मैं कैसे तुम्हारी इस बात पर विश्वास कर लूँ? तब बहुला ने उसे विश्वास दिलाया और कसम खाई कि वो जरुर आएगी।बहुला वापस गौशाला जाकर बछड़े को दूध पिलाती है, और बहुत प्यार कर, उसे वहां छोड़, वापस जंगल में शेर के पास आ जाती है। शेर उसे देख हैरान हो जाता है। दरअसल ये शेर के रूप में कृष्ण होते है, जो बहुला की परीक्षा लेने आते है। कृष्ण अपने वास्तविक रूप में आ जाते है, और बहुला को कहते है कि मैं तुमसे बहुत प्रसन्न हुआ, तुम परीक्षा में सफल रही। समस्त मानव जाति द्वारा सावन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन तुम्हारी पूजा अर्चना की जाएगी और समस्त जाति तुमको गौमाता कहकर संबोधित करेगी व जो भी ये व्रत रखेगा उसे सुख, समृद्धि, धन, ऐश्वर्या व संतान की प्राप्ति होगी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें