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Prasanna Vadanam shloka: 'प्रसन्नवदनां' श्लोक किसे समर्पित है? जानें इसका अर्थ

Thu, 31 Jul 2025 02:43 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सोशल मीडिया पर वायरल 'प्रसन्नवदनां' श्लोक किसको समर्पित है। आइए जानते हैं यह पूरा श्लोक क्या है और इसका अर्थ क्या है...
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Prasanna Vadanam Shloka Meaning - फोटो : adobe stock
Prasanna Vadanam Shloka Meaning: श्लोक सिर्फ संस्कृत की कविताएं नहीं, बल्कि ये एक पवित्र और शक्तिशाली ध्वनियां होती हैं। जब कोई इनका उच्चारण करता है, तो ये मन, वातावरण और आत्मा में सकारात्मक ऊर्जा भर देती हैं। इनसे न केवल पूजा पूर्ण होती है, बल्कि ये शरीर और मन को भी ठीक करती हैं और बुरी शक्तियों को दूर करती है। 

इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक खास म्यूजिक ट्रेंड कर रहा है। यह म्यूजिक एक श्लोक पर आधारित है जिसे सुनकर हर कोई उसपर ठहर जाता है। इसे सुनकर मन शांति और ऊर्जा से भर जाता है, और इसके शब्दों को बार-बार पढ़ने और सुनने का मन करता है। दरअसल यह एक संस्कृत श्लोक है, जो देवी लक्ष्मी की स्तुति में रचा गया है। इसका स्मरण करने से मन, धन, सौंदर्य, ऐश्वर्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

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प्रसन्नवदनां श्लोक का अर्थ - फोटो : adobe stock
पूरा श्लोक क्या है?
"वन्दे पद्मकरां प्रसन्नवदनां सौभाग्यदां भाग्यदां
हस्ताभ्यां अभयप्रदां मणिगणैर्नानाविधैर्भूषिताम्।
भक्ताभीष्टफलप्रदां हरिहरब्रह्मादिभिः सेवितां
पार्श्वे पंकजशंखपद्मनिधिभिर्युक्तां सदा शक्तिभिः॥"

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प्रसन्नवदनां श्लोक का अर्थ - फोटो : adobe stock
श्लोक का अर्थ
"वन्दे पद्मकरां प्रसन्नवदनां सौभाग्यदां भाग्यदां"
मैं उस देवी को प्रणाम करता हूं जिनके हाथ में कमल है, जिनका चेहरा हमेशा मुस्कुराता है और जो लोगों को भाग्य और सौभाग्य देती हैं।

"हस्ताभ्यां अभयप्रदां मणिगणैर्नानाविधैर्भूषिताम्"
उनके हाथों में डर को दूर करने की शक्ति है और वे कई तरह के कीमती गहनों से सजी हुई हैं।
 

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प्रसन्नवदनां श्लोक का अर्थ - फोटो : adobe stock
"भक्ताभीष्टफलप्रदां हरिहरब्रह्मादिभिः सेवितां"
वे अपने भक्तों को मनचाहा फल देती हैं और ब्रह्मा, विष्णु और शिव भी उनकी पूजा करते हैं।

"पार्श्वे पंकजशंखपद्मनिधिभिर्युक्तां सदा शक्तिभिः"
वो देवी हमेशा कमल, शंख, रत्नों और शक्तियों से घिरी रहती हैं। उनके पास हर तरह की सकारात्मक शक्ति होती है, जो उनके भक्तों को सुख और समृद्धि देती है।
 
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प्रसन्नवदनां श्लोक का अर्थ - फोटो : adobe stock
मां लक्ष्मी को समर्पित यह श्लोक पूजा-पाठ में पढ़ा जाता है, लेकिन इसे रोज भी सुन या बोल सकते हैं। यह डर दूर करता है, मन को शांत करता है और जीवन में सुख-शांति लाने में मदद करता है।
 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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