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Pradosh Vrat: प्रदोष व्रत पर भगवान शिव को अर्पित करें ये चार फूल, पूरी होगी हर मनोकामना

Wed, 03 Sep 2025 12:22 PM IST
ज्योति मेहरा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मान्यताओँ के अनुसार प्रदोष व्रत के अवसर पर भगवान शिव को उनके प्रिय पुष्प अर्पित करना विशेष फलदायी होता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दिन भगवान शिव को कौन से फूल अर्पित करने चाहिए।
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प्रदोष व्रत पर शिव जी को अर्पित करें ये पुष्प - फोटो : Amar Ujala
Pradosh Vrat Kab Hai: हिन्दू धर्म में प्रदोष व्रत का बड़ा महत्व बताया गया है। यह अत्यंत पवित्र व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए रखा जाता है। माना जाता है कि इस दिन श्रद्धा से की गई पूजा से शिवजी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। प्रत्येक माह में दो बार प्रदोष व्रत पड़ता है और इस दिन भगवान शिव के साथ उनके पूरे शिव परिवार की उपासना की जाती है। संपूर्ण विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद व्रत का पारण किया जाता है। मान्यताओँ के अनुसार प्रदोष व्रत के अवसर पर भगवान शिव को उनके प्रिय पुष्प अर्पित करना विशेष फलदायी होता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दिन भगवान शिव को कौन से फूल अर्पित करने चाहिए।

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सितंबर का पहला प्रदोष व्रत कब है? - फोटो : अमर उजाला
सितंबर का पहला प्रदोष व्रत कब है?
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 5 सितंबर को सुबह 4:08 बजे से आरंभ होकर 6 सितंबर को सुबह 3:12 बजे तक रहेगी। ऐसे में प्रदोष व्रत 5 सितंबर, शुक्रवार को रखा जाएगा। यह दिन शुक्रवार को पड़ रहा है, इसलिए इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाएगा। इस दिन पूजा का शुभ समय शाम 6:38 बजे से रात 8:55 बजे तक रहेगा।
 
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कनेर का फूल - फोटो : adobe stock
प्रदोष व्रत पर अर्पित किए जाने वाले पुष्प
कनेर का फूल 

माना जाता है कि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव को कनेर का फूल अर्पित करने से वे अत्यंत प्रसन्न होते हैं। यह पुष्प लाल और सफेद दोनों रंगों के होते हैं, जिसे अत्यंत शुभ माना गया है।

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शमी का फूल - फोटो : adobe stock
शमी का फूल 
वेद-पुराणों में शमी वृक्ष और उसके फूल को विशेष महत्व दिया गया है। प्रदोष व्रत पर भी भोलेनाथ को शमी का फूल अर्पित करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह फूल भगवान शिव के प्रियतम पुष्पों में से एक है।

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आक का फूल - फोटो : adobe stock
आक का फूल 
शिवजी को आक का फूल चढ़ाना प्रदोष के दिन बहुत ही शुभ माना जाता है। इसे शिवलिंग पर अर्पित करने से व्यक्ति की इच्छाएं पूरी होती हैं और भगवान की कृपा प्राप्त होती है।
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शमी का फूल - फोटो : adobe stock
धतूरे का फूल 
महादेव को धतूरा विशेष रूप से प्रिय है। प्रदोष व्रत पर इसका फूल और फल दोनों ही शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए। इससे पापों का क्षय होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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