pitru paksha 2023
पंचतत्व से सम्बन्धित है पञ्चबलि
हिन्दू मान्यता के अनुसार पितृपक्ष में हमारे पितृ पशु-पक्षियों के रूप में हमारे पास आते हैं। यह रूप हैं गाय, कुत्ता, कौवा और चीटी। इन्हीं के माध्यम से पितृ भोजन ग्रहण करते हैं। इसी वजह से श्राद्धकर्म में पितरों के लिए आहार का 5 अंश निकाला जाता है, इसके बिना श्राद्ध कर्म अधूरा माना जाता है। इसमें कुत्ता जल तत्त्व का प्रतीक माना जाता है,चींटी को अग्नि तत्व,कौवा वायु तत्व, गाय पृथ्वी तत्व और देवताओं को आकाश तत्व का प्रतीक माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब श्राद्ध के दौरान भोजन के पांच अंश निकले जाते हैं तो ये पंचतत्वों के प्रति आभार व्यक्त करने का तरीका माना जाता है।