amavasya
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अमावस्या तिथि का ज्योतिषीय महत्व
ज्योतिष की दृष्टि से अमावस्या तिथि पर सूर्य और चंद्रमा दोनों एक ही राशि में होते हैं। अमावस्या तिथि की रात्रि में चंद्रमा दिखाई नहीं देता है, इसलिए यह रात अंधेरी होती हैं और चंद्रमा का प्रभाव क्षीण हो जाता है। अमावस्या को जन्में जातक की कुंडली में चंद्र दोष लगता है। उनका चंद्रमा मजबूत नहीं रहता है। अमावस्या तिथि का प्रभाव व्यक्ति के मन पर पड़ता है, क्योंकि चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। जो लोग भावनात्मक रूप से कमजोर होते हैं वे इस दिन थोड़ा सा विचलित हो सकते हैं।