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Panchak 2021: 12 फरवरी से शुरू हैं पंचक, भूलकर भी न करें ये, उठाना पड़ता है नुकसान

Fri, 12 Feb 2021 12:20 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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panchak
ज्योतिष शास्त्र में मुहूर्त का विशेष महत्व माना जाता है। ज्योतिष में ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति की गणना के करके किसी भी कार्य के लिए शुभ-अशुभ होने पर विचार किया जाता है। ज्योतिष के अनुसार जिस तरह से ग्रहों की शुभ स्थिति में कोई भी कार्य करना लाभप्रद होता है, उसी तरह से जब ग्रहों का योग सही न हो तो कोई मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए। ज्योतिष के अनुसार जब पांच नक्षत्र धनिष्ठा आरंभ होकर शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्र तक चलते हैं तो इस क्रम के समय को पंचक कहा जाता है। इस समय में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। इस बार पंचक 12 फरवरी से आरंभ हो रहे हैं। पंचक के समय में विशेष सावाधानी बरतना आवश्यक होता है। तो चलिए जानते हैं कि इस समय कौन-कौन से कार्य नहीं करने चाहिए।
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
पंचक लगने और समाप्त होने का समय

पंचक आरंभ समय- 12 फरवरी 2021 दिन शुक्रवार को प्रातः 2 बजकर 11 मिनट से।

पंचक समाप्ति समय- 16 फरवरी 2021 दिन मंगलवार रात 8 बजकर 57 मिनट पर।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
इस बार लग रहा है चोर पंचक
यदि पंचक शनिवार से आरंभ होते हैं तो उन्हें मृत्यु पंचक कहा जाता है ये बहुत ही अशुभ माने जाते हैं। इस बार पंचक शुक्रवार को शुरू हो रहे हैं इसलिए इसे चोर पंचक कहा जाएगा, लेकिन यह पंचक भी अशुभ होता है। इस समय भी कोई शुभ कार्य नहीं करना चाहिए, अन्यथा आपको हानि का सामना करना पड़ता है। तो चलिए जानते हैं कि इस समय क्या कार्य करने की होती है मनाही...
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प्रतीकात्मक तस्वीर
पंचक के दौरान भूलकर भी नहीं करने चाहिए ये कार्य
  • पंचक के दौरान व्यापारिक लेन-देन या फिर धन से संबंधित कोई नया कार्य नहीं करना चाहिए। 
  • पंचक के समय में लकड़ी से जुड़ा कार्य नहीं करना चाहिए। निर्माण कार्य के लिए नई लकड़ी भी नहीं खरीदनी चाहिए। 
  • पंचकों के दिनों में किसी भी तरह की दूरी वाली नई यात्रा की करने की मनाही होती है।
  • यदि पूरे पंचक लगे हो तो उस दौरान घर की छत नहीं बनवानी चाहिए।
पंचक में यदि किसी की मृत्यु हो जाती है तो बिना निवारण के अंतिम संस्कार नहीं करना चाहिए, अन्यथा पंचक दोष के कारण आपको बड़ी हानि का सामना करना पड़ सकता है। गरूण पुराण में इस बारे में उल्लेख किया गया है। इस बारे में किसी पंडित ज्योतिष से सलाह लेकर उचित निवारण के बाद ही मृत व्यक्ति का अंतिम संस्कार करना चाहिए।
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