शिवपुराण के अनुसार, भगवान शिव स्वयंभू हैं। वे देवों के देव महादेव हैं। कैलाश पर्वत उनका निवास स्थान है। गले में लिपटा नाग, मस्तक पर सुशोभित चंद्रमा, जटा में गंगा, हाथ में त्रिशूल और डमरू कुछ ऐसा स्वरूप है भगवान शिव का। शैव मत को मानने वाले भगवान की आराधना करते हैं। भगवान शिव को भोलेनाथ, शंकर, महेश, रुद्र, नीलकंठ आदि नामों से भी जाना जाता है। कहते हैं जो भक्त शिव की आराधना करते हैं उन्हें समस्त प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिल जाती है। लेकिन उनकी पूजा करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। शिव को ये सात चीजें कभी नहीं चढ़ानी चाहिए।