जीवन और मृत्यु को तो आप आए दिन देखते हैं। क्योंकि यह एक चक्र है जिसमें एक व्यक्ति का जन्म होता है तो किसी दूसरे व्यक्ति की मृत्यु भी होती है लेकिन मृत्यु और जीवन के बीच कई ऐसे अलसुलझे रहस्य हैं जिसे समझ पाना बड़ा कठिन है और जब कभी कुछ समझ आने लगता है तो हम अपने आप से इतने सवाल करने लगते हैं कि चीजें और उलझ जाती हैं। यही वजह है कि मृत्यु के बाद जीवन तक के बीच क्या होता है वह गूढ रहस्य बना हुआ है।
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पुनर्जन्म के रहस्य का सबसे बड़ा सच जानिए
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अात्मा
अगर आप कुछ बातों पर गौर करें तो पाएंगे कि मृत्यु के बाद कुछ भी समाप्त नहीं होता है। जीवन मृत्यु से पहले भी था और मृत्यु के बाद भी जीव और जीवन है अंतर बस स्वरूप का है। मृत्यु एक चेंजिंग रूम की तरह है जिसमें प्रवेश करके जीवात्मा अपना रूप बदलकर एक नया व्यक्ति बन जाता है। यानी जो कल था वह आज भी है और जो आज है वह कल भी रहेगा क्योंकि इसमें उलझा है जन्म और पुनर्जन्म का रहस्य।
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पुनर्जन्म के रहस्य का सबसे बड़ा सच जानिए
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ब्रह्मा महाभारत
गीता में भगवान श्री कृष्ण ने खुद इस बात को स्पष्ट रूप से कहा है कि मृत्यु जीव का अंत नहीं है। यह पूरी सृष्टि पुनर्जन्म के चक्र में घूम रही है। 'जातस्य हि ध्रुवो मृत्युर्ध्रुवं जन्म मृतस्य च।' यानी जन्म लिए हुए व्यक्ति की मृत्यु निश्चित है और मरे हुए का जन्म भी निश्चित है। यानी ऐसा सोचना कि जो मर गया उसका अंत हो गया ऐसा नहीं है वह अपनी तमाम इच्छाएं, अनुभव और कर्म को लेकर अगला जन्म लेता है।
पुनर्जन्म के रहस्य का सबसे बड़ा सच जानिए
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भ्रूण हत्या
इसका अनुभव आप अपने घर पर भी कर सकते हैं आप देखेंगे कि घर में मौजूद छोटा बच्चा मोबाइल, लैपटॉप और कई दूसरी चीजों का इस्तेमाल आसानी से कर लेते हैं। यह दिखने में सामान्य लगता है लेकिन इसके पीछे उनके पूर्वजन्म का अनुभव और ज्ञान भी शामिल होता है जो उन्हें चीजों को जल्दी सीखने और समझने की क्षमता देता है।
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पुनर्जन्म के रहस्य का सबसे बड़ा सच जानिए
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महाभारत
श्री मद्भागवत पुराण में एक कथा भी पुनर्जन्म के रहस्य से पर्दा उठाता है। भगवान विष्णु के द्वारपाल जय विजय ने ऋषियों को भगवान से मिलने से रोक दिया इससे क्रोधित होकर ऋषियों ने द्वारपाल को शाप दे दिया जिससे कई जन्मों तक उन्हें असुर योनी में जन्म लेना पड़ा।
मृत्यु और पुनर्जन्म के बारे में श्रीमद्भागवत और गीता दोनों में ही एक महत्वपूर्ण बात बतायी गई है कि मृत्यु के बाद पुनर्जन्म तो निश्चित है लेकिन आपका अगला जन्म क्या होगा यह आप खुद तय करते हैं आप जीवन भर जिन विषयों के बारे में अधिक सोचते हैं वहीं सोच मृत्यु के समय आप पर हावी रहती है और इसी के अनुसार आपको अगला जन्म मिलता है। यानी आप स्त्री के बारे में अधिक सोचेंगे तो अगले जन्म में स्त्री बनेंगे। पशुओं के बारे में सोचेंगे तो पशु होंगे। धन के बारे में सोचेंगे तो धनी होंगे।