Parikrama Benefits: हर धर्म में परिक्रमा करने का महत्व है। मंदिर में प्रवेश करते ही आप भगवान के समक्ष लगे घंटे को बजा कर उनका महिमा मंडन करते होंगे। उसके बाद प्रभु के समक्ष नतमस्तक हो कर उनकी वंदना करते हुए विधिवत पूजा करते होंगे। इसके बाद बारी आती है भगवान या मंदिर के परिक्रमा करने की। सनातन धर्म के महत्वपूर्ण वैदिक ग्रंथ ऋग्वेद में प्रदक्षिणा या परिक्रमा का जिक्र मिलता है। परिक्रमा पूजा का महत्वपूर्ण अंग माना जाता है। मान्यता है कि भगवान की परिक्रमा करने से पापों का नाश होता है। ज्यादातर एक बार या तीन बार लोग परिक्रमा लगा कर पूजा को पूर्ण समझ लेते हैं, लेकिन ये कितना सही है ये नहीं पता होता। भगवान या मंदिर के परिक्रमा करने के कुछ नियम भी हैं और तरीके भी। साथ ही किस दिशा से परिक्रमा शुरू करना चाहिए यह भी ध्यान रखना बेहद जरूरी है। क्योंकि परिक्रमा करने की दिशा भी ईश्वर के आर्शीवाद को प्रभावित करती है। तो आइए जानें की परिक्रमा के नियम क्या हैं।