Mahashivratri 2023: फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती का विवाह हुआ था, जिसे हर साल महाशिवरात्रि के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल 18 जनवरी 2023 को महाशिवरात्रि है। हिंदू धर्म में कई व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं, लेकिन महाशिवरात्रि का अलग ही महत्व है। इस दिन मंदिरों और शिवालयों में विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। शिवजी के भक्त श्रद्धा और विश्वास के साथ व्रत रखते हैं और विधि-विधान से उनकी आराधना करते हैं। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ पृथ्वी पर मौजूद सभी शिवलिंग में विराजमान होते हैं। इसलिए महाशिवरात्रि के दिन की गई शिव की उपासना से कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है। आइए जानते हैं महाशिवरात्रि पर शिवजी को प्रसन्न करने के लिए पूजा विधि के बारे में...
महाशिवरात्रि पर इस विधि से करें पूजा, प्रसन्न होंगे शिवजी और हर मनोकामना होगी पूरी
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महाशिवरात्रि की पूजा विधि
महाशिवरात्रि पर पूजा करने के लिए सबसे पहले सुबह स्नान आदि करके साफ वस्त्र धारण करें।
फिर भगवान शंकर को पंचामृत से स्नान कराएं। साथ ही केसर के 8 लोटे जल चढ़ाएं और पूरी रात्रि का दीपक जलाएं।
इसके अलावा चंदन का तिलक लगाएं।
बेलपत्र, भांग, धतूरा भोलेनाथ का सबसे पसंदीदा चढ़ावा है।
इस दिन बेलपत्र, भांग, धतूरा, जायफल, कमल गट्टे, फल, मिष्ठान, मीठा पान, इत्र व दक्षिणा चढ़ाएं।
महाशिवरात्रि के दिन आप ओम नम: शिवाय, महामृत्युजंय जाप या शिव चालीसा का पाठ करें।
अंत में केसर युक्त खीर का भोग लगा कर सबको प्रसाद बांटें।
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महाशिवरात्रि पर इस विधि से करें पूजा, प्रसन्न होंगे शिवजी और हर मनोकामना होगी पूरी
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महाशिवरात्रि पर जपें ये मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥
महाशिवरात्रि पर इस मंत्र का जाप जरूर करें। ये महामृत्युंजय जाप है। इसका अर्थ है- हम त्रिनेत्र को पूजते हैं, जो सुगंधित हैं और हमारा पोषण करते हैं। जैसे फल शाखा के बंधन से मुक्त हो जाता है वैसे ही हम भी मृत्यु और नश्वरता से मुक्त हो जाएं।