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Mangala Gauri 2022: कब है सावन का आखिरी मंगला गौरी व्रत? अखंड सौभाग्य के लिए ऐसे करें मां पार्वती की पूजा

Fri, 05 Aug 2022 05:41 PM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कब है सावन का आखिरी मंगला गौरी व्रत - फोटो : pixabay
Mangala Gauri 2022: सावन माह में मनोकामना पूर्ति वाले कई व्रत और तत्योहार पड़ते हैं। जिस तरह सावन का प्रत्येक सोमवार शिव जी की पूजा-आराधना के लिए समर्पित है, ठीक उसी प्रकार प्रत्येक मंगलवार मां पार्वती की पूजा के लिए समर्पित है। सावन के प्रत्येक मंगलवार को मां मंगला गौरी का व्रत रखा जाता है। मंगला गौरी व्रत वाले दिन मां गौरी की विधि विधान पूजा की जाती है। ये व्रत महिलाएं अखंड सौभाग्यवती की कामना के लिए करती हैं। मंगला गौरी व्रत करने से मनचाहे वर की प्राप्ति होती है और अखंड सौभाग्य का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस साल सावन माह के तीन मंगला गौरी व्रत बीत चुके हैं। चौथा और आखिरी मंगला गौरी व्रत 09 अगस्त 2022 को रखा जाएगा। आइए जानते हैं मंगला गौरी व्रत का महत्व और पूजा विधि के बारे में... 
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कब है सावन का आखिरी मंगला गौरी व्रत - फोटो : pinterest
मंगलागौरी व्रत का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंगला गौरी व्रत में विधि पूर्वक मां गौरी की पूजा करने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही दांपत्य जीवन में अथाह प्रेम बना रहता है। इस दिन व्रत करने से आपके दांपत्य जीवन के साथ ही पूरे घर में भी सुख-शांति बनी रहती है। 
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कब है सावन का आखिरी मंगला गौरी व्रत - फोटो : iStock
साथ ही संतान प्राप्ति की कामना रखने वाली स्त्रियों के लिए भी ये व्रत बहुत शुभफलदायी रहता है। ज्योतिष के अनुसार, यदि किसी जातक के दांपत्य जीवन में समस्याएं बनी हुई हैं, तो उन्हें मंगला गौरी व्रत जरूर करना चाहिए। इससे दांपत्य जीवन का कलह-कष्ट व अन्य सभी समस्याएं दूर होती है। 

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कब है सावन का आखिरी मंगला गौरी व्रत - फोटो : iStock
मंगला गौरी व्रत विधि
सावन का आखिरी मंगला गौरी बचा हुआ है। ऐसे में आपको पूरी श्रद्धा के साथ इस दिन पूजा करनी चाहिए। मंगला गौरी व्रत करने वाले को इस व्रत के नियमों का पूरा पालन करना बहुत आवश्यक होता है। 
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कब है सावन का आखिरी मंगला गौरी व्रत - फोटो : istock
इस दिन प्रातः जल्दी जागकर स्नानादि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। एक साफ लकड़ी की चौकी पर लाल रंग का वस्त्र बिछाएं और उसपर मां गौरी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। मां के समक्ष व्रत का संकल्प करें और आटे से बना हुआ दीपक प्रज्वलित करें।
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कब है सावन का आखिरी मंगला गौरी व्रत - फोटो : iStock
इसके बाद धूप, नैवेद्य फल-फूल आदि से मां गौरी की पूजा करें। पूजा पूर्ण होने पर मां गौरी की आरती करें और उनसे प्रार्थना करें। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन एक समय भोजन किया जा सकता है।
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