Karwa Chauth 2024: करवा चौथ का पर्व मूल रूप से उत्तर भारत में मनाया जाता है। उत्तर भारत में सुहागिन महिलाओं का यह पर्व पति की लंबी आयु और दांपत्य जीवन में खुशहाली का प्रतीक है। पर्व में पत्तियां निर्जला व्रत पति के लिए रखती हैं और पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार उसका पारायण करती हैं। करवा चौथ को लेकर देशभर में अलग-अलग मान्यताएं हैं। बीते कुछ दशकों में संस्कृति के प्रचार-प्रसार और मीडिया माध्यमों के जरिए करवा चौथ सुहागिन महिलाओं और दांपत्य में प्रेम व खुशियों के पर्व के रूप में मनाया जाने लगा है।
अखंड सुहाग के लिए सुहागिन महिलाएं इस साल कार्तिक कृष्ण चतुर्थी रविवार 20 अक्तूबर को करवा चौथ का व्रत करेंगी। पति की लंबी उम्र एवं उन्नत गृहस्थ जीवन के लिए करवा चौथ का व्रत रोहिणी नक्षत्र के अद्भुत संयोग में मनाया जाएगा। इस दिन चतुर्थी माता (करवा माता) और गणेश जी की पूजा की जाती है। सुहागिन स्त्रियां को करवा चौथ का व्रत करने से अखंड सौभाग्य व पति को अक्षुण का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उनका गृहस्थ जीवन सुखमय व्यतीत होता है।