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Kajari Teej 2024: मनचाहे वर प्राप्ति के लिए रखें कजरी तीज व्रत, जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Wed, 21 Aug 2024 10:32 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कजरी तीज 2024 - फोटो : amar ujala
Kajari Teej 2024 Date:  हिंदू धर्म में तीज का विशेष महत्व है। तीज व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। कजरी तीज हर साल भाद्रपद या भादो महीने में कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। कजरी तीज को बूढ़ी तीज, कजली तीज, सातुड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि कजरी तीज के दिन भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है और पारिवारिक जीवन सुखमय हो जाता है। 
तीज का त्योहार सावन और भाद्रपद के महीने में आता है। हिंदू धर्म में हरियाली तीज, कजरी तीज और हरतालिका तीज बहुत धूमधाम से मनाई जाती है। हरियाली तीज कजरी तीज से पहले आती है। इस वर्ष हरियाली तीज 07 अगस्त 2024 को है। हरियाली तीज से 15 दिनों के बाद कजरी तीज मनाई जाती है यानी कजरी तीज इस साल 22 अगस्त 2024 को मनाई जाएगी।
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कजरी तीज 2024 - फोटो : istock
कजरी तीज तिथि 
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि आरंभ:  21 अगस्त , सायं 05: 06 मिनट से 
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि समाप्त: 22 अगस्त,दोपहर 01: 46 मिनट पर 
उदया तिथि के अनुसार, कजरी तीज व्रत 22 अगस्त को रखा जाएगा।
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कजरी तीज 2024 - फोटो : freepik
कजरी तीज शुभ मुहूर्त 
कजरी तीज पर पूजा भोर का तारा देखकर की जाती है। पूजा का शुभ मुहूर्त प्रातः 04:26 से प्रातः 05:10 तक रहेगा। 

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कजरी तीज 2024 - फोटो : istock
कजरी तीज पूजा विधि
  • कजरी तीज के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठें और साफ स्थान पर चौकी बिछाएं।
  • उस चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर शिव और पार्वती की मूर्ति स्थापित करें।
  • फिर मां गौरी और शिव जी की विधिपूर्वक पूजा करें।
  • इस दिन मां गौरी को सुहाग का सामान अर्पित करें।
  • भगवान शिव को बेल पत्र, गाय का दूध, गंगा जल, धतूरा, भांग आदि चढ़ाया जाता है ।
  • फिर धूप और दीप आदि जलाकर आरती करती हैं। 
  • अब शिव-गौरी की कथा सुनें । 
  • अंत में कथा का पाठ करें और आरती करें।
  • यह व्रत सामान्यत: निर्जला रहकर किया जाता है। हालांकि गर्भवती स्त्री फलाहार कर सकती हैं।
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कजरी तीज 2024 - फोटो : freepik
कजरी तीज महत्व
हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार केजरी-तीज सबसे पहले माता पार्वती ने भगवान शिव के लिए मनाई थी। तभी से सभी विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की प्रार्थना के लिए कजरी तीज का व्रत रखती हैं। अविवाहित महिलाएं भी मनचाहा वर पाने के लिए कजरी तीज का व्रत रखती हैं। माना जाता है कि यह व्रत वैवाहिक जीवन में सौभाग्य और समृद्धि लाता है।
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