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Holashtak 2025:आज से होलाष्टक शुरू, जानें इस दौरान क्या करें और क्या न करें

Fri, 07 Mar 2025 07:38 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Significance Of Holashtak:होलाष्टक 7 मार्च से प्रारंभ होकर 13 मार्च तक रहेगा। यह होली से 8 दिन पहले का समय है, जिसे नई शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है। आइए जानते हैं कि होली से पहले लोगों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
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holashtak 2025 - फोटो : amar ujala
Holashtak Me Kya Karein Kya Na Karein: फाल्गुन का महीना आरंभ हो चुका है। यह महीना भगवान शिव को समर्पित होने के कारण अत्यधिक आध्यात्मिक महत्व रखता है। फाल्गुन हिंदू कैलेंडर का अंतिम महीना है, जिसके बाद चैत्र माह आता है, जो हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। इस समय में महाशिवरात्रि और होली जैसे प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं। होली से पहले  आठ दिवसीय अवधि होती है, जिसे होलाष्टक कहा जाता है। 

होलाष्टक के दौरान किसी नए या शुभ कार्यक्रम का होना अशुभ माना जाता है। हिंदू परंपराओं के अनुसार, इन आठ दिनों में ग्रहों की स्थिति अनुकूल नहीं होती, जिससे जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं में रुकावटें आ सकती हैं। इसलिए, विवाह, गृह प्रवेश और नामकरण जैसे सभी शुभ कार्यों को टाल दिया जाता है। हालांकि, इस अवधि का एक आध्यात्मिक महत्व भी है, और सकारात्मकता और शांति बनाए रखने के लिए कुछ नियमों के पालन करने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं इस दौरान क्या करें क्या नहीं। 

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holashtak 2025 - फोटो : adobe stock
होलाष्टक 2025 प्रारंभ और समाप्ति तिथि
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, 2025 में होलाष्टक आज यानी 7 मार्च से प्रारंभ होगा और होली से एक दिन पूर्व, 13 मार्च को समाप्त होगा। यह अवधि होलिका दहन के साथ समाप्त होती है, जो नकारात्मकता को समाप्त करने और रंगों के आनंदमय त्योहार की शुरुआत का प्रतीक है।
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holashtak 2025 - फोटो : adobe stock
होलाष्टक के दौरान क्या करें 
  • होलाष्टक के दौरान हनुमान चालीसा और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। इन पवित्र श्लोकों का पाठ करने से घर में शांति, सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। 
  • जरूरतमंदों को दान करें। वंचितों को भोजन, कपड़े और धन देना एक पुण्य कार्य है, जो समृद्धि और आशीर्वाद को आकर्षित करता है। 
  • होलाष्टक के दौरान पितृ तर्पण करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवसर पर पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने से उनका आशीर्वाद और सकारात्मक कर्म प्राप्त होता है। 
  • होलाष्टक के दौरान ग्रह शांति पूजा करें। इन अनुष्ठानों के माध्यम से ग्रहों की नकारात्मक चाल के प्रभावों को कम करने में सहायता मिलती है, जिससे जीवन में सद्भावना आती है।
 
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holashtak 2025 - फोटो : adobe stock
होलाष्टक के दौरान किन चीजों से बचना चाहिए
  • होलाष्टक के दौरान विवाह या किसी भी मांगलिक समारोह का आयोजन न करें। इस समय विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और नामकरण जैसे समारोहों का आयोजन नहीं करना चाहिए।
  • होलाष्टक के दौरान नए घर का निर्माण शुरू नहीं करना चाहिए।
  • होलाष्टक के दौरान सोना, चांदी या वाहन की खरीदारी से बचें। इस अवधि में कीमती धातुओं, संपत्ति या वाहनों की खरीद अशुभ मानी जाती है।
  • होलाष्टक के दौरान नया व्यवसाय या नौकरी शुरू करने से बचें। किसी भी नए व्यवसाय या पेशेवर प्रयास की शुरुआत के लिए होलाष्टक के बाद तक इंतजार करने की सलाह दी जाती है।

 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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