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Hariyali Teej 2022 Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरी है हरियाली तीज, अखंड सौभाग्य के लिए जरूर पढ़ें

Wed, 20 Jul 2022 06:26 PM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
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Hariyali Teej 2022 Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरी है हरियाली तीज - फोटो : pixabay
Hariyali Teej 2022 Vrat Katha: हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक वर्ष सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर तीज का त्योहार मनाया जाता है। इसे हरियाली तीज या श्रावणी तीज भी कहा जाता है। इस साल ये व्रत 31 अगस्त 2022 को रखा जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस दिम माता पार्वती और भगवान शिवजी की पूजा करने का विधान है। सुहागिन महिलाओं के अलावा कुंवारी लड़कियां भी अच्छे वर की कामना के साथ हरियाली तीज का व्रत रखती हैं। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं। हरियाली तीज पर हरे रंग का महत्व होने की वजह से महिलाएं इस दिन हरी साड़ी और हरी कांच की चूड़ियां जरूर पहनती हैं। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने के अलावा हरियाली तीज की कथा भी जरूर पढ़नी या सुननी चाहिए। तभी व्रत सफल माना जाता है। आइए जानते हैं हरियाली तीज की कथा के बारे में... 
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Hariyali Teej 2022 Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरी है हरियाली तीज - फोटो : istock
हरियाली तीज व्रत कथा
भगवान शिव माता पार्वती को उनके पूर्व जन्म का स्मरण कराते हुए कहते हैं- हे पार्वती! तुमने मुझे पति के रूप में पाने के लिए हिमालय पर कठिन तप किया था। तुमने अन्न-जल का त्याग कर सर्दी, गर्मी और बरसात जैसे सभी ऋतुओं का कष्ट सहा। यह देखकर तुम्हारे पिताजी पर्वतराज बहुत दुखी थे। एक दिन नारद मुनि तुम्हारे घर पधारे और उन्होंने तुम्हारे पिता से कहा- मैं विष्णुजी के भेजने पर आया हूं। विष्णुजी आपकी कन्या की तपस्या से प्रसन्न हुए हैं और उनके साथ विवाह करना चाहते हैं।
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Hariyali Teej 2022 Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरी है हरियाली तीज - फोटो : istock
नारद मुनि की बात सुनकर पर्वतराज अत्यंत प्रसन्न हुए और उन्होंने नारद जी से कहा कि वे इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं और अपनी पुत्री पार्वती का विवाह भगवान विष्णु के साथ कराने के लिए तैयार हो गए। यह सुनते ही नारद मुनि भगवान विष्णु के पास पहुंचे और उन्हें सूचित किया।

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Hariyali Teej 2022 Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरी है हरियाली तीज - फोटो : iStock
आगे शिवजी माता पार्वती से कहते हैं, लेकिन तुम्हारे पिता ने जब यह खबर तुम्हें सुनाई तो तुम्हें अत्यंत दुख हुआ, क्योंकि तुम मन से मुझे पति के रूप में स्वीकार कर चुकी थी। तब तुमने अपने मन की पीड़ा अपनी एक सखी को बताई। इस पर सखी ने तुम्हें एक घनघोर जंगल में रहने का सुझाव दिया। तुम जंगल चली गई और जंगल में तुमने मुझे प्राप्त करने के लिए खूब तपस्या की। जब तुम्हारे लुप्त होने की बात पिता पर्वतराज को पता चली तो वे अत्यंत दुखी और चिंतित हुए। वे सोचने लगे कि यदि इस बीच विष्णुजी बारात लेकर आए तो क्या होगा।
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Hariyali Teej 2022 Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरी है हरियाली तीज - फोटो : iStock
शिवजी माता पार्वती से आगे कहते हैं, तुम्हारे पिता पर्वतराज ने तुम्हारी खोज में धरती पाताल एक कर दिया। लेकिन तुम उन्हें न मिली। क्योंकि तुम एक गुफा में रेत से शिवलिंग बनाकर मेरी आराधना करने में लीन थी। तब मैं तुम्हारी तपस्या से प्रसन्न हुआ और तुम्हारी मनोकामना पूरी करने का तुम्हें वचन दिया। इस बीच तुम्हारे पिता भी ढूंढते हुए गुफा तक पहुंचे। तुमने अपने पिता को सारी बाते बताई। तुमने पिता को बताया कि तुमने अपना जीवन शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए तप में बिताया है और आज वह तपस्या सफल हो गई। तुमने पिता से कहा कि मैं आपके साथ तभी चलूंगी जब आप मेरा विवाह शिवजी से कराएंगे। पर्वतराज मान गए और उन्होंने विधि-विधान से हमारा विवाह कराया। 
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Hariyali Teej 2022 Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरी है हरियाली तीज - फोटो : iStock
शिवजी कहते हैं, हे पार्वती! तुमने तो कठोर तप किया है उसी के फलस्वरूप हमारा विवाह हुआ। इसलिए जो स्त्री इस व्रत को निष्ठापूर्वक करती है उसे मैं मनवांछित फल देता हूं। इस व्रत को करने वाली हर स्त्री को तुम जैसे अचल सुहाग की प्राप्ति हो।
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