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Hanuman Janmotsav 2022: आज है हनुमान जन्मोत्सव, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

Sat, 16 Apr 2022 09:51 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
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हनुमान जन्मोत्सव 2022 की तिथि एवं मुहूर्त - फोटो : iStock
Hanuman Janmotsav 2022 Date : बचपन में सूर्य को फल समझकर खा जाने वाले महाबली हनुमान का अवतार शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को हुआ था यानी रामनवमी के ठीक छह दिन बाद। बड़े-बड़े पर्वत उठाने वाले, समुद्र लांघ जाने वाले, स्वयं ईश्वर का कार्य संवारने वाले संकटमोचन का अवतरण दिवस नजदीक है। ये पर्व विश्वभर में हनुमत भक्तों द्वारा धूमधाम से मनाया जाता है। मान्यता है कि हनुमान जन्मोत्सव के दिन विधि विधान से बजरंगबली की पूजा अर्चना करने से सभी विघ्न बाधाओं का अंत होता है और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। हनुमानजी के पथ पर चलने वालों को कोई भी संकट नहीं मिलता है। हनुमान जन्मोत्सव पर भगवान हनुमान की पूजा-आराधना का विशेष महत्व होता है। आठों सिद्धियों और नौ निधियों के दाता की जयंती पर पूजा आराधना के क्या विधि-विधान हैं और क्या महत्व है, आइए जानते हैं हनुमान जन्मोत्सव संबंधी शुभ मुहूर्त और अन्य महत्वपूर्ण तथ्य...
 
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हनुमान जन्मोत्सव 2022 की तिथि एवं मुहूर्त - फोटो : iStock
हनुमान जन्मोत्सव 2022 की तिथि एवं मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र की पूर्णिमा 16 अप्रैल को रात 02.25 पर शुरू हो रही है। 16 और 17 अप्रैल की मध्यरात्रि 12.24 बजे तिथि का समापन होगा। चूंकि 16 अप्रैल, शनिवार के सूर्योदय को पूर्णिमा तिथि मिल रही है, तो उदयातिथि होने के नाते हनुमान जन्मोत्सव 16 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन ही व्रत रखा जाएगा और हनुमानजी का जन्म उत्सव मनाया जाएगा। 
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हनुमान जयंती 2022 की तिथि एवं मुहूर्त - फोटो : iStock
इस बार की हनुमान जन्मोत्सव 2022 रवि योग, हस्त एवं चित्रा नक्षत्र में है। 16 अप्रैल को हस्त नक्षत्र सुबह 08:40 बजे तक है, उसके बाद से चित्रा नक्षत्र शुरू होगा। इस दिन रवि योग प्रात: 05:55 बजे से शुरू हो रहा है वहीं इसका समापन 08:40 बजे होगा। 

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हनुमान जयंती 2022 की तिथि एवं मुहूर्त - फोटो : iStock
हनुमान जन्मोत्सव का महत्व
धार्मिक मान्यता है कि हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर विधि विधान से बजरंगबली की पूजा अर्चना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है, लेकिन ध्यान रहे हनुमान जी की पूजा करते समय राम दरबार का पूजन अवश्य करें। क्योंकि माना जाता है कि राम जी की पूजा के बिना हनुमान जी की पूजा अधूरी रहती है।
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हनुमान जयंती 2022 की तिथि एवं मुहूर्त - फोटो : iStock
हनुमान जन्म कथा
शास्त्रों में हनुमान जी के जन्म को लेकर कई मान्यताएं प्रचलित हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार, एक बार स्वर्ग में दुर्वासा द्वारा आयोजित सभा में स्वर्ग के राजा इंद्र भी उपस्थित थे। उस समय पुंजिकस्थली नामक अप्सरा ने बिना किसी प्रयोजन के सभा में दखल देकर उपस्थित देवगणों का ध्यान भटकाने की कोशिश की। इससे नाराज होकर ऋषि दुर्वासा ने पुंजिकस्थली को बंदरिया बनने का श्राप दे दिया। 
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हनुमान जयंती 2022 की तिथि एवं मुहूर्त - फोटो : iStock
ये सुन पुंजिकस्थली रोने लगी। तब ऋषि दुर्वासा ने कहा कि अगले जन्म में तुम्हारी शादी बंदरों के देवता से होगी। साथ ही पुत्र भी बंदर प्राप्त होगा। अगले जन्म में माता अंजनी की शादी बंदर भगवान केसरी से हुई और फिर माता अंजनी के घर हनुमान जी का जन्म हुआ। 
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हनुमान जयंती 2022 की तिथि एवं मुहूर्त - फोटो : istock
एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, राजा दशरथ ने संतान प्राप्ति के लिए यज्ञ करवाया था। इस यज्ञ से प्राप्त हवि को खाकर राजा दशरथ की पत्नियां गर्भवती हुई। इस हवि के कुछ अंश को एक गरुड़ लेकर उड़ गया और उस जगह पर गिरा दिया, जहां माता अंजना पुत्र प्राप्ति के लिए तप कर रही थी। माता अंजनी ने हवि को स्वीकार कर ग्रहण किया। इस हवि से माता अंजनी गर्भवती हो गईं और गर्भ से हनुमान जी का जन्म हुआ।
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