Hajj Yatra 2022: हज इस्लाम का एक अहम हिस्सा होने की वजह से मुसलमानों की आस्था जुड़ा है। इसलिए हर मुसलमान की चाहत होती है कि जीवन में मक्का-मदीना जाकर हज की रस्मों को जरूर पूरा करें। जिंदगी में एक बार मक्का-मदीना जाकर हज की अदायगी करना जरूरी होता है। हज इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है। हज यात्रा पर निकलने के लिए रकम खर्च करनी पड़ती है। इसलिए हज सिर्फ उसी हालत में फर्ज माना जाता है जब कोई मुसलमान आर्थिक रूप से मजबूत हो। हज यात्रा में पांच रस्में होती हैं। इसी दौरान हज यात्रा भी होती है। हज लंबी और कठिन प्रक्रिया है। इस यात्रा में ऐसी रस्में होती हैं, जो क्रमबद्ध तरीके से पूरी की जाती है। अगर इन रस्मों में से एक भी पूरी न की जाए तो हज यात्रा पूरी नहीं मानी जाती। हज के लिए अहम पांच पड़ाव होते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं हज के वो पांच पड़ाव।