Guruwar Ko Bal Kyon Nahi Dhona Chahiye
- फोटो : adobe
गुरुवार को करें यह काम
गुरुवार को देवगुरु बृहस्पति की आरती करने से कुंडली में गुरु का स्थान मजबूत होता है। साथ ही व्यक्ति के धन-धान्य में वृद्धि, विवाह-संतान से जुड़ी समस्याएं दूर और भाग्य का पूरा साथ मिलता है।
बृहस्पति देव आरती
जय बृहस्पति देवा,
ॐ जय बृहस्पति देवा ।
छिन छिन भोग लगाऊँ,
कदली फल मेवा ॥
ॐ जय बृहस्पति देवा,
जय बृहस्पति देवा ॥
तुम पूरण परमात्मा,
तुम अन्तर्यामी ।
जगतपिता जगदीश्वर,
तुम सबके स्वामी ॥
ॐ जय बृहस्पति देवा,
जय बृहस्पति देवा ॥
चरणामृत निज निर्मल,
सब पातक हर्ता ।
सकल मनोरथ दायक,
कृपा करो भर्ता ॥
ॐ जय बृहस्पति देवा,
जय बृहस्पति देवा ॥
तन, मन, धन अर्पण कर,
जो जन शरण पड़े ।
प्रभु प्रकट तब होकर,
आकर द्वार खड़े ॥
ॐ जय बृहस्पति देवा,
जय बृहस्पति देवा ॥
दीनदयाल दयानिधि,
भक्तन हितकारी ।
पाप दोष सब हर्ता,
भव बंधन हारी ॥
ॐ जय बृहस्पति देवा,
जय बृहस्पति देवा ॥
सकल मनोरथ दायक,
सब संशय हारो ।
विषय विकार मिटाओ,
संतन सुखकारी ॥
ॐ जय बृहस्पति देवा,
जय बृहस्पति देवा ॥
जो कोई आरती तेरी,
प्रेम सहित गावे ।
जेठानन्द आनन्दकर,
सो निश्चय पावे ॥
ॐ जय बृहस्पति देवा,
जय बृहस्पति देवा ॥
Vaishakh Purnima 2026: वैशाख पूर्णिमा पर इन चीजों का दान होगा लाभकारी, धन लाभ के खुलेंगे मार्ग
Ganga Saptami 2026: वैशाख शुक्ल सप्तमी पर गंगा पूजन का महत्व, जानिए स्नान, मंत्र और दान के लाभ
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।