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Guru Nanak Jayanti 2019: देश के इन 10 प्रसिद्ध गुरुद्वारों में बरसती है गुरु नानक देव जी की कृपा

Tue, 12 Nov 2019 08:45 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
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गुरु नानक देव जी
इस बार कार्तिक पूर्णिमा 12 नवंबर को है और इस दिन को सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रकाश पर्व के दिन गुरुद्वारों पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। प्रकाश पर्व के इस मौके पर हम आपको भारत में स्थित 10 ऐसे गुरुद्वारों के बारे में बताने जा रहे है जहां पर सिख धर्म के अनुयायियों की गहरी आस्था है।
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स्वर्ण मंदिर, पंजाब
स्वर्ण मंदिर, पंजाब
पंजाब प्रांत के अमृतसर में बना स्वर्ण मंदिर गुरुद्वारा हरमिंदर साहिब सिंह के नाम से भी जाना जाता है। यह गुरुद्वारा पूरे संसार में अपनी खूबसूरती के चलते प्रसिद्ध है। इस गुरुद्वारे की दीवारे सोने की बनी हुई है। इस गुरुद्वारे की स्थापना महाराजा रणजीत सिंह ने की थी।
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श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा, उत्तराखंड
श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा, उत्तराखंड
सिखों के दसवें गुरु गोविन्द सिंह नें इस गुरद्वारे का निर्माण किया था। यह गुरुद्वारा उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है और पहाड़ों और झील के किनारे पर बना है।

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शीशगंज गुरुद्वारा, दिल्ली
शीशगंज गुरुद्वारा, दिल्ली
देश की राजधानी दिल्ली के चांदनी चौक में स्थित गुरुद्वारे शीशगंज को बघेल सिंह ने सिख धर्म के नौवें सिख गुरु तेग बहादुर की शहादत की याद में बनवाया था। यह वही स्थान है जहां बादशाह औरंगजेब ने सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर के इस्लाम स्वीकार न करने पर उनकी हत्या करवा दी थी।
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फतेहगढ़ साहिब गुरुद्वारा, पंजाब
फतेहगढ़ साहिब गुरुद्वारा, पंजाब
फतेहगढ़ साहिब गुरुद्वारा साहिबजादा फतेह सिंह और जोरावर सिंह की शहादत की याद में बनवाया गया था। यह गुरुद्वारा वास्तुकला का एक नायाब नमूना है।  
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बंगला साहिब गुरुद्वारा, दिल्ली
बंगला साहिब गुरुद्वारा, दिल्ली
यह गुरुद्वारा नई दिल्ली के बाबा खड़गसिंह मार्ग पर स्थित है। इस गुरुद्वारे का निर्माण राजा जय सिंह ने करवाया था। सिखों के आठवें गुरु हरकिशन सिंह के द्वारा यहां पर किए गए चमत्कारों की याद में यह गुरुद्वारा काफी प्रसिद्ध है। सिखों और हिन्दुओं दोनों के लिए यह एक पवित्र स्थान है।

 
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हजूर साहिब गुरुद्वारा, महाराष्ट्र
हजूर साहिब गुरुद्वारा, महाराष्ट्र
हजूर साहिब गुरुद्वारा महाराष्ट्र के नान्देड नगर में गोदावरी नदी के किनारे स्थित है। इसी स्थान पर सन 1708 में गुरु गोविंद सिंह का अंतिम संस्कार किया गया था। महाराजा रणजीत सिंह ने बाद में इस गुरूद्वारे का निर्माण किया था।

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पांवटा साहिब गुरुद्वारा, हिमाचल प्रदेश
पांवटा साहिब गुरुद्वारा, हिमाचल प्रदेश
इस स्थान पर गुरु गोविंद सिंह जी ने जीवन के चार साल बिताए थे और दसवें ग्रंथ की रचना की थी।

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तख़्त श्री दमदमा साहिब, पंजाब
तख़्त श्री दमदमा साहिब, पंजाब
यह गुरुद्वारा पंजाब के बठिंडा में दक्षिण-पूर्व के तलवंडी सबो गांव में स्थित है।  गुरु गोविंद सिंह जी यहां आकर रुके थे और यहां आकर उन्होंने मुगलों का सामना किया था।

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श्री पटना साहिब गुरुद्वारा, बिहार
श्री पटना साहिब गुरुद्वारा, बिहार
पटना साहिब सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह का जन्मस्थान है। महाराजा रंजीत सिंह ने इस गुरुदारा का निर्माण करवाया था। यह गुरुद्वारा स्थापत्य कला का सूंदर नमूना है।

 
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गुरुद्वारा मणिकरण साहिब, हिमाचल प्रदेश
गुरुद्वारा मणिकरण साहिब, हिमाचल प्रदेश
मणिकरण गुरुद्वारा को लेकर ऐसी मान्यता है कि सिखों के पहले गुरु नानकदेव ने इसी स्थान पर ध्यान लगाया था। यह पहाड़ियों के बीच बना बहुत सुंदर गुरुद्वारा है।
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