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न फूल न प्रसाद, ऐसा मंदिर जहां भक्त चिट्ठी लिखकर मांगते हैं मन्नत

Sun, 28 Jul 2024 05:00 PM IST
शिखर बरनवाल धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

उत्तराखंड में स्थित अल्मोड़ा का गोलू देवता मंदिर अपनी अनोखी परंपरा के लिए देशभर में जाना जाता है। यहां की खास बात ये है कि यहां भक्त चिट्ठी लिखकर भगवान से मन्नत मांगते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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गोलू मंदिर - फोटो : Amar Ujala
हिंदू धर्म के सामान्य परंपराओं के अनुसार हम मंदिर में जब भी जाते हैं तो हाथ जोड़कर अपने मन की बात भगवान से कहते हैं। जिन्हें मन्नत मांगना होता है वे ध्यान लगाकर भगवान से मन्नत मांगते हैं। मगर आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में बहुत कम लोगों ने सुना है। इस मंदिर की खास बात ये है कि यहां ईश्वर से मन्नत मांगने का तरीका बहुत अनोखा है। जी हां, इस मंदिर में श्रद्धालु चिट्ठियां लखकर भगवान से मन्नत मांगते हैं। हम बात कर रहे हैं गोलू देवता मंदिर की। देवभूमि उत्तराखंड में स्थित अल्मोड़ा का गोलू देवता मंदिर अपनी अनोखी परंपरा के लिए देशभर में जाना जाता है। इस मंदिर की खास बात ये है कि मंदिर न केवल प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा हुआ है बल्कि यहां की मान्यताएं भी लोगों को आकर्षित करती हैं। गोलू देवता को न्याय का देवता माना जाता है। मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से यहां आकर अपनी मनोकामना लिखकर चढ़ाते हैं, उनकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। मंदिर में आने वाले भक्त अपनी समस्याएं और मनोकामनाएं एक पर्ची पर लिखकर मंदिर में चढ़ाते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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गोलू देवता मंदिर - फोटो : iStock
मंदिर में हजारों की संख्या में घंटियां बंधी हुई हैं, उन हर घंटी में एक चिट्ठि बांधी गई है। भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर मंदिर में घंटी चढ़ाते हैं। मान्यता है कि घंटी की आवाज देवता तक पहुंचती है और भक्त की मनोकामना पूरी होती है। मंदिर में आने वाले लोगों का कहना है कि गोलू देवता अपने भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
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गोलू देवता मंदिर - फोटो : iStock
क्या है पूरी प्रक्रिया?
सबसे पहले एक सफेद कागज पर भक्त अपनी समस्याएँ लिखते हैं, उसके बाद उस पर्ची को वहां मौजूद घंटी में बांध देते हैं। बहुत से लोग नई घंटी के साथ भी अपनी पर्ची बांधते हैं। मान्यताओं के अनुसार, घंटी की आवाज के माध्यम से पर्ची में लिखी हुई चीजें भगवान तक आसानी से पहुंच जाती है।

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गोलू देवता मंदिर - फोटो : iStock
पर्यटकों का आकर्षण का केंद्र
गोलू देवता मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि आस्था का भी केंद्र है। यहां आने वाले भक्तों का मानना है कि गोलू देवता उनके जीवन में खुशियां लाते हैं। मंदिर का शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। दूर-दूर से लोग यहां दर्शन करने आते हैं। मंदिर के आसपास कई होटल और रेस्तरां हैं जहां पर्यटक ठहर सकते हैं। गोलू देवता मंदिर अल्मोड़ा से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां पहुंचने के लिए आप बस या टैक्सी का उपयोग कर सकते हैं।
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गोलू देवता मंदिर - फोटो : iStock
गोलू देवता मंदिर उत्तराखंड का एक अनोखा मंदिर है जहां भक्त अपनी मनोकामनाएं लिखकर चढ़ाते हैं। मंदिर की शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यदि आप भी देवभूमि उत्तराखंड की यात्रा कर रहे हैं तो गोलू देवता मंदिर जरूर देखें।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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