फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Garuda Purana: मृत्यु से ठीक पहले इंसान की आंखों के सामने गुजरते हैं उसके कर्म, आगे होता है कुछ ऐसा

Wed, 07 Jul 2021 07:30 AM IST
संकल्प सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
गरुड़ पुराण सनातन धर्म के लोकप्रिय धार्मिक ग्रंथों में से एक है। इस पुराण में इंसान के मरने के दौरान और उसके बाद की स्थितियों का वर्णन किया गया है। गरुण पुराण का संबंध वैष्णव पुराण से है। हमारे अठारह पुराणों में से गरुड़ पुराण का एक विशेष महत्व है। इस पुराण के देवता भगवान विष्णु है। इसे हिंदू धर्म में महापुराण कहा गया है। जीवन से जुड़े बारीक से बारीक पहलुओं का इस महापुराण में जिक्र मिलता है। इसमें जीवन जीने के तमाम मार्गों और नियमों का उल्लेख किया गया है। मृत्यु के समय और उसके बाद व्यक्ति की आत्मा के साथ क्या होता है? इसका पूरा जिक्र आपको गरुड़ पुराण में मिलेगा। इंसान के मरने के बाद स्वर्ग और नर्क में उसकी आत्मा के साथ क्या होता है? इन बातों का पूरा उल्लेख इस महापुराण में किया गया है। ऐसे में आइए जानते हैं कि जब किसी इंसान की मृत्यु निकट आती है, उस दौरान उसे क्या महसूस होता है?
विज्ञापन

2 of 5
भगवान विष्णु - फोटो : Social media
गरुड़ पुराण के मुताबिक जब भी किसी व्यक्ति की मृत्यु निकट आती है, उस दौरान उसकी आंखों के सामने उसके द्वारा किए गए सभी कर्म एक के बाद एक प्रकट होते हैं। उसके जन्म से लेकर उसके अंत तक की सभी कहानियां उसकी आंखों के सामने चलती हैं। इस दौरान व्यक्ति को ये पता चलता है कि अपने जीवन में उसने क्या ठीक किया है? और क्या गलत? बाद में उसके कर्मों के आधार पर यमराज उसकी आत्मा के साथ न्याय करते हैं।
विज्ञापन

3 of 5
भगवान विष्णु - फोटो : ANI
गरुड़ पुराण में लिखा गया है कि मृत्यु जब निकट आती है उस दौरान व्यक्ति की आंखों की रोशनी कम होने लगती है। रोशनी इतनी कम हो जाती है कि उसे अपने आस-पास बैठे लोग भी नहीं दिखते। इस दौरान व्यक्ति को शीशे में उसकी तस्वीर काफी विकृत आकार में दिखती है।   

4 of 5
भगवान विष्णु - फोटो : अमर उजाला
वहीं जिन लोगों ने अपने जीवन में काफी अच्छे कर्म किए हैं। उन्हें मृत्यु के दौरान एक दिव्य प्रकाश दिखाई देता है। ऐसे लोगों को मृत्यु के समय जरा सा भी कष्ट नहीं होता। ये लोग सीधे भगवान की शरण में मुक्ति पाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
गरुड़ - फोटो : Social media
गरुड़ पुराण में कहा गया है कि इंसान को मरने से पहले अपनी मोह-माया छोड़ देनी चाहिए। मोह-माया में फंसे लोग जल्दी अपने शरीर को नहीं छोड़ते। ऐसे में यमराज द्वारा भेजा गया दूत जबरन ऐसे व्यक्तियों की आत्मा को खींच कर ले जाता है। इस दौरान मृत्यु के समय लोगों को काफी कष्ट होता है। इसलिए कहा गया है कि मृत्यु जब निकट आती है उस दौरान मोह-माया से दूर हो जाना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें