Chaturmas Katha : हिंदू धर्म में तिथियों का विशेष महत्व होता है। तिथि के आधार पर ही सभी प्रमुख व्रत, त्योहार और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाते है। ऐसे में सनातन धर्म में चातुर्मास का विशेष महत्व होता है। प्रत्येक वर्ष आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि से चातुर्मास शुरू हो जाता है। इस एकादशी को हरिशयनी एकादशी, देवशयनी एकादशी, पद्मा एकादशी, पद्मनाभा एकादशी नाम से जानी जाती है। चातुर्मास के दौरान कई तरह के कार्य निषेध हो जाते हैं। जैसे विवाह, यज्ञोपवीत संस्कार, दीक्षाग्रहण, यज्ञ, गोदान, गृहप्रवेश आदि सभी शुभ कार्य वर्जित माने गए हैं। आइए जानते हैं चातुर्मास के बारे में यह क्या होता है, कब से शुरू होने वाला है और कथा...