क्यों कहलाते हैं गणेश जी लंबोदर?
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क्यों कहलाते हैं गणेश जी लंबोदर?
ज्योतिषशास्त्र में तीन गणों का उल्लेख मिलता है, देव, मनुष्य और राक्षस। गणपति समान रूप से देवलोक, भूलोक और दानव लोक में प्रतिष्ठित हैं। श्री गणेश जी ब्रह्मस्वरूप हैं और उनके उदर में यह तीनों लोक समाहित हैं। इसी कारण इनको लंबोदर कहते हैं उनके उदर में सब कुछ समा जाता हैं और गणेश जी सब कुछ पचाने की क्षमता रखते हैं। लंबोदर होने का अर्थ है जो कुछ उनके उदर में चला जाता है, फिर वहाँ से निकलता नहीं है। गणेश जी परम रहस्यमय हैं, उनके इस रहस्य को कोई भेद नहीं सकता है।