भगवान श्रीराम के बारे में और उनके भाइयों के बारे में तो सभी जानते है, लेकिन क्या आप उनकी बहन के बारे में जानते हैं, जो उनसे भी बड़ी थी। देश में एक ऐसा मंदिर है जहां उनकी बहन शांता की पूजा होती है। कुल्लु में स्थित शृंग ऋषि मंदिर में भगवान राम की बड़ी बहन की पूजा होती है। जानिए शृंग ऋषि मंदिर में क्यों होती है भगवान राम की बहन की पूजा
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कुल्लू शहर के करीब 50 किमी दूर स्थित इस मंदिर में देवी शांता की प्रतिमा उनके पति शृंग ऋषि के साथ विराजमान है। दोनों की पूजा के लिए दूर दूर से भक्त आते हैं।
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पौराणिक कथाओं के अनुसार शृंग ऋषि ऋष्यशृंग विभण्डक के पुत्र थे। ऋष्यशृंग ने ही बाद में दशरथ की पुत्र कामना के लिए पुत्र कामेष्टि यज्ञ करवाया था। जिस स्थान पर उन्होंने यज्ञ किया था, वह जगह अयोध्या से करीब 39 किमी पूर्व में था और वहां आज भी उनका आश्रम है।
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ऐसा माना जाता है राजा दशरथ ने अंगदेश के राजा रोमपद को अपनी बेटी शांता गोद दे दी थी। जब रोमपद पत्नी सहित अयोध्या आए तो राजा दशरथ को मालूम चला कि उनकी
कोई संतान नही हैं। तब राजा दशरथ ने शांता को उन्हें संतान स्वरूप दिया।
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देवी शांता के विवाह के बारे में कहा जाता है कि एक ब्राह्मण एक बार उनके दरवाजे पर आया और वर्षा के दिनों में खेतों की जुताई में शासन की मदद के लिए प्रार्थना की, लेकिन अपनी बेटी से बातें करने में व्यस्त होने के कारण रोमपद ब्राह्मण की बात नहीं सुन पाए और ब्राह्मण निराश उस राज्य को ही छोड़कर चला गया।
अपने भक्त की ऐसी अनदेखी पर इंद्र देव रोमपद पर नाराज हो गए और उनके राज्य में वर्षा नहीं। जिस कारण खेत सूख गए। इस संकट की घड़ी में राजा रोमपद ने शृंग ऋषि के उपास मांगा और ऋषि ने इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए यज्ञ किया। इसके बाद देवी शांता का विवाह शृंग ऋषि से हुआ।