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Dwijapriya Chaturthi 2022: द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी आज, करें इन मंत्रों से गणेश जी को प्रसन्न

Sun, 20 Feb 2022 08:32 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
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Dwijapriya Sankashti Chaturthi 2022: प्रत्येक माह की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। - फोटो : अमर उजाला
Dwijapriya Sankashti Chaturthi 2022: प्रत्येक माह की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन विघ्नहर्ता गणेश की आराधना पूरे विधि विधान से की जाती है। फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी या फिर द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस बार फाल्गुन मास की द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत आज यानी 20 फरवरी, रविवार के दिन पड़ रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन विधि-विधान से गौरी-गणेश की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। ऐसा कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति सच्चे मन से गणपति बप्पा की पूजा अर्चना करता है, उसके जीवन से सभी दुःख और संकट दूर हो जाते हैं। साथ ही जीवन में मंगल का आगमन होता है। अगर आप भी भगवान गणेश जी को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो संकष्टी चतुर्थी पर इन मंत्रों का जाप अवश्य करें-
 
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Dwijapriya Sankashti Chaturthi 2022: गणेश चतुर्थी के दिन विघ्नहर्ता गणेश की आराधना पूरे विधि विधान से की जाती है। - फोटो : अमर उजाला
गणेश स्तुति का मंत्र
गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारु भक्षणम्ं।
उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम्॥
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Dwijapriya Sankashti Chaturthi 2022:भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, लंबोदर, गजानन, गणपति बप्पा, आदि भी कहा जाता है। - फोटो : अमर उजाला
श्री गणेश जी का गायत्री मंत्र
ऊँ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात।
 

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Dwijapriya Sankashti Chaturthi 2022: विधि-विधान से गौरी-गणेश की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। - फोटो : अमर उजाला
धन-संपत्ति प्राप्ति का मंत्र
ऊँ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा। 
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Dwijapriya Sankashti Chaturthi 2022: जो भी व्यक्ति सच्चे मन से गणपति बप्पा की पूजा करता है। उसके जीवन से सभी दुःख और संकट दूर हो जाते हैं। - फोटो : istock
र्विघ्न हरण का मंत्र
वक्र तुंड महाकाय, सूर्य कोटि समप्रभ:।
निर्विघ्नं कुरु मे देव शुभ कार्येषु सर्वदा॥
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Dwijapriya Sankashti Chaturthi 2022:गणेश जी की कृपा प्राप्त करने के लिए संकष्टी चतुर्थी पर मंत्र जाप करें। - फोटो : istock
बाधांए दूर करने का मंत्र
एकदन्तं महाकायं लम्बोदरगजाननम्ं।
विध्ननाशकरं देवं हेरम्बं प्रणमाम्यहम्॥
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