धनतेरस के दिन से दिवाली का त्योहार शुरु हो जाता है। उसके बाद नरक चतुर्दशी को यम के नाम का दीपक जलाने की परंपरा है। उसके अगले दिन कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। हर बार अमावस्या के दिन दिवाली (लक्ष्मी पूजन का दिन)मनाते हैं, लेकिन इस बार छोटी दिवाली और बड़ी दिवाली एक ही दिन पड़ रही है। जानते हैं कि क्यों इस बार 15 तारीख को अमावस्या होने पर भी दिवाली 14 नवंबर को मनाई जाएगी।