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Devutthana ekadashi 2021: इस दिन है देवउठनी एकादशी भूलकर भी न करें ये काम

Sat, 13 Nov 2021 07:49 AM IST
शशि सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
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देवउठनी एकादशी 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
सनातन धर्म में एकादशी व्रत को सभी व्रतों में श्रेष्ठ बताया गया है। प्रत्येक माह दोनों पक्षों, कृष्ण पक्ष, शुक्ल पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को एकादशी का व्रत किया जाता है। हर एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित की जाती है। कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवोत्थान या देवउठनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु चार माह की योग निद्रा से जागते हैं और पुनः सृष्टि का संचालन संभालते हैं। जिसके बाद चतुर्मास की समाप्ति हो जाती है और सभी मांगलिक कार्यों का आरंभ हो जाता है। देवउठनी इस बार देवउठनी एकादशी 14 नवंबर 2021 को पड़ रही है। एकादशी पर नियमों का पालन करना बेहद आवश्यक होता है। देवउठनी एकादशी पर कुछ बातों को ध्यान में जरूर रखना चाहिए।
 
 
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देवउठनी एकादशी 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
इस अन्न का भूलकर भी न करें सेवन-
एकादशी के दिन यदि व्रत किया है तो भूलकर भी अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए। खासतौर पर एकादशी पर चावल नहीं खाने चाहिए। मान्यता है कि जो लोग एकादशी के दिन चावल खाते हैं, उन्हें अगले जन्म में रेंगने वाले जीव की योनि में जन्म मिलता है।
 
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देवउठनी एकादशी 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : lord vishnu (demo pic)
तन के साथ मन की सात्विकता जरूरी-
एकादशी के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना आवश्यक होता है। इसी के साथ क्रोध नहीं करना चाहिए और घर में किसी प्रकार से झगड़ा नहीं करना चाहिए। भूलकर भी बड़े बुजुर्गो या फिर किसी जरूरतमंद व्यक्ति का अपमान नहीं करना चाहिए।
 

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देवउठनी एकादशी 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
भूलकर भी न करें तामसिक गुणों वाली चीजों का सेवन-
एकादशी तिथि को भूलकर भी मांस मदिरा या फिर किसी भी तरह से तामसिक गुणों वाली चीजों जैसे प्याज लहसुन आदि का प्रयोग नहीं करना चाहिए। 
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देवउठनी एकादशी 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
एकादशी पर दिन के समय न करें शयन-
एकादशी का दिन व्रत, पूजन और भगवान के स्मरण करने का दिन होता है। इस दिन के समय सोना वर्जित माना गया है। ईश्वर के स्मरण के समय को सोकर नहीं गंवाना चाहिए। एकादशी के पवित्र दिन ईश्वर का स्मरण करते हुए व्यतीत करना चाहिए।
 
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