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Diya Jalane Ke Niyam: घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से पहले जान लें इसके नियम, पड़ सकता है बुरा प्रभाव

Fri, 27 Dec 2024 08:00 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

माना जाता है कि शाम के समय माता लक्ष्मी का घर में आगमन होता है। कई बार लोग जानकारी के अभाव में दीप जलाते समय कुछ गलतियां कर देते हैं, जो अशुभ परिणाम दे सकती हैं। आइए जानते हैं दीपक जलाने के सही नियम।
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दीपक जलाने के नियम - फोटो : Amar Ujala
Diya Jalane Ke Niyam: सनातन धर्म में दीपक जलाने का विशेष महत्व बताया गया है। दीपक न केवल अंधकार को दूर करता है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है और नकारात्मकता को खत्म करने का काम करता है। यह देवी-देवताओं और पितरों को प्रसन्न करने का एक साधन माना जाता है। विशेष रूप से शाम के समय, जब सूर्यास्त होता है, घर के मुख्य द्वार पर दीप जलाने की परंपरा है। ऐसा माना जाता है कि इस समय माता लक्ष्मी का घर में आगमन होता है। हालांकि कई बार लोग जानकारी के अभाव में दीप जलाते समय कुछ गलतियां कर देते हैं, जो अशुभ परिणाम दे सकती हैं। आइए जानते हैं दीपक जलाने के सही नियम।

 
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दीपक जलाने के नियम - फोटो : freepik


दीपक जलाने के नियम

सही समय पर दीप जलाएं
  • सूर्यास्त के बाद, जब प्रदोष काल शुरू हो, उस समय घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है।

दीपक की सही दिशा और स्थान
  • घी का दीपक माता लक्ष्मी के लिए जलाया जाता है और इसे मुख्य द्वार के बाईं ओर रखना चाहिए।
  • यदि घी उपलब्ध न हो, तो तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाएं और इसे दाईं ओर रखें।
  • मुख्य द्वार के पूर्व या उत्तर दिशा में दीपक रखना शुभ माना जाता है।
  • दक्षिण दिशा में दीपक केवल पितरों के लिए जलाया जाता है।
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diwali 2024 - फोटो : adobe stock
दीपक का प्रकार
  • मिट्टी का दीपक सबसे शुभ माना गया है।
  • यदि मिट्टी का दीपक उपलब्ध न हो, तो पीतल के दीपक का उपयोग कर सकते हैं।

दीपक के साथ पानी रखें
  • जहां दीपक जलाएं, वहां एक लोटे या गिलास में पानी भी रखें।
  • दीपक प्रकाश से अंधकार को दूर करता है और पानी नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करता है।

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दीपक जलाने के नियम - फोटो : freepik
दरवाजा बंद न करें
  • दीपक जलाने के बाद दरवाजा बंद न करें।
  • यदि दरवाजा बंद कर दिया गया, तो माता लक्ष्मी का प्रवेश बाधित हो सकता है।

साफ-सुथरा वातावरण बनाए रखें
  • मुख्य द्वार के पास जूते-चप्पल या कूड़ादान न रखें।
  • ये वस्तुएं नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं और शनि का प्रभाव बढ़ा देती हैं।
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दीपक जलाने के नियम - फोटो : adobe stock
दीपक बुझने के बाद ध्यान दें
  • जब दीपक बुझ जाए, तो उसे ऐसी जगह रखें, जहां पैर न लगें।
  • मुख्य द्वार को स्वच्छ और सजा-संवरा रखें।

दीपक जलाना केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि को आकर्षित करने का एक तरीका है। सही दिशा, सही प्रकार का दीपक और स्वच्छता का ध्यान रखने से आप माता लक्ष्मी और देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। इन नियमों का पालन करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।


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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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