एकादशी व्रत
मलमास किये जाने वाले श्रेष्ठ कार्य
श्री हरि ने कहा की हे पुरुषोत्तम तुम्हारे इस मास में जो प्राणी मेरे श्रद्धा-विश्वास के साथ मेरे सहस्त्र नाम का पाठ, पुरुष सूक्त का पाठ, वेद मंत्रों का श्रवण, गौ दान, भागवत महापुराण पुस्तक दान, अन्य पौराणिक ग्रंथो का दान, वस्त्र, अन्न और गुड़ का दान करेगा उसे दैहिक, दैविक और भौतिक तीनों तापों से मुक्ति मिल जायेगी और वो मेरे द्वारा दी गयी परम गति को प्राप्त होगा। साधक को चाहिए कि इस मास के मध्य तामसिक भोजन और मांस मदिरा से परहेज करें केवल मेरी कथा ही सभी कष्टों से मुक्ति दिलाने के लिए पर्याप्त रहेगी, तभी से मलमास को पुरुषोत्तम मास के रूप में भी जाना जाता है।