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चाणक्य नीति: इन बातों को ध्यान में रखकर मात-पिता किशोरावस्था में बच्चों को दिखा सकते हैं सही राह

Sat, 06 Feb 2021 06:32 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
आचार्य चाणक्य के द्वारा लिखित नीति शास्त्र में मनुष्य के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई है। आचार्य चाणक्य को न केवल विषयों की गहरी समझ थी बल्कि उन्हें जीवन की परिस्थितियों का भी अनुभव था। 
चाणक्य एक कुशल अर्थशास्त्री होने के साथ साथ एक योग्य शिक्षक भी थे। आचार्य चाणक्य ने विश्व प्रसिद्ध तक्षशिला विश्व विद्यालय से शिक्षा ग्रहण की थी और बाद में चाणक्य ने इसी विश्व विद्यालय में आचार्य के पद पर रहकर विद्यार्थियों को शिक्षित भी किया। आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में बच्चों की परवरिश से संबंधित महत्वपूर्ण बातें बताई हैं। माता-पिता इन बातों का अनुसरण करके बच्चों से अपने संबंधों को मजबूत बना सकते हैं और उन्हें सही राह दिखा सकते हैं।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
बड़े होते बच्चों से करें ऐसा व्यवहार
 
चाणक्य कहते हैं कि जब बच्चे बड़े होने लगते हैं और वे किशोरावस्था में प्रवेश करने लगते हैं तो माता पिता को इस समय अधिक सर्तकता बरतनी चाहिए। किशोरावस्था में प्रवेश कर रहे बच्चों के साथ अभिभावकों को मित्रों की तरह व्यवहार करना चाहिए। यह उम्र बदलाव की होती है। इस उम्र में बच्चों की मनोदशा में परिवर्तन होता है। वे चीजों और परिस्थितियों को अपने अनुसार समझकर उसके प्रति राय बनाते हैं।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
डांटने की बजाय प्रेम से समझाएं
 
चाणक्य के अनुसार किशोरावस्था के समय बच्चे नई-नई चीजों को देखते समझते हैं। नए दोस्त बनाते हैं। ऐसे में यदि वह किसी गलत व्यक्ति को दोस्त बनाते हैं या कुछ गलती करते हैं तो उन्हें डांटने की बजाय में प्रेम से समझाने की जरूरत होती है, क्योंकि इस उम्र में बच्चों की मनोदशा बहुत संवेदनशील होती। अगर वे गलत दिशा में जा रहे हैं तो उन्हें विनम्रता के साथ उन्हें अच्छे और बुरे के बारे में अंतर करना बताएं।
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Chanakya Success Mantra - फोटो : social media
संवाद को बनाएं बेहतर
 
संवादहीनता किसी भी रिश्ते के लिए नुकसानदायक है। चाणक्य के अनुसार बड़े होते बच्चों और माता पिता के बीच संवाद हीनता नहीं होनी चाहिए। बच्चों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करना चाहिए। उनकी हर बात को ध्यान पूर्वक सुनना चाहिए ताकि वे अपनी हर बात आपको बता सकें और गलत दिशा की तरफ अग्रसर न हों।
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