फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sheetala Ashtami 2022: शीतला अष्टमी या बसौड़ा कब है? जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Wed, 09 Mar 2022 08:10 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
शीतला अष्टमी या बसौड़ा कब है? - फोटो : Twitter-@ILoveSiliguri
Sheetala Ashtami 2022: हिन्दू धर्म में हर महीने कई व्रत और त्योहार पड़ते हैं। सभी व्रत और त्योहारों का अलग-अलग महत्व भी है। वहीं प्रत्येक वर्ष चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को शीतला अष्टमी मनाई जाती है। शीतला अष्टमी को बसौड़ा अष्टमी भी कहा जाता है। बसौड़ा शीतला माता को समर्पित लोकप्रिय त्योहार है। हिंदू पंचांग के अनुसार ये त्योहार चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है। जो कि होली के आठवें दिन पड़ता है। मान्यता के अनुसार इस दिन पूजा के समय माता शीतला को खासतौर पर मीठे चावलों का भोग लगाया जाता है। ये चावल गुड़ या गन्ने के रस से बनाए जाते हैं। कहा जाता है कि शीतला अष्टमी के दिन पूरे विधि विधान के साथ पूजा करने से बीमारियों से मुक्ति मिलती है और घर में सुख शांति बनी रहती है। आइए जानते हैं इस साल कब है शीतला अष्टमी या बसौड़ा और क्या है इसका महत्व.... 
विज्ञापन

2 of 5
शीतला अष्टमी या बसौड़ा कब है? - फोटो : iStock
शीतला अष्टमी या बसौड़ा तिथि 2022 
  • चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी मनाई जाती है। इस वर्ष शीतला अष्टमी 25 मार्च 2022, दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस दिन माता शीतला की विधि-विधान से पूजा की जाती है और व्रत भी रखा जाता है। 
विज्ञापन

3 of 5
शीतला अष्टमी या बसौड़ा कब है? - फोटो : iStock
शीतला अष्टमी शुभ मुहूर्त 
  • चैत्र कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि का प्रारंभ- 25 मार्च 2022, शुक्रवार रात 12:09 बजे से होगा। 
  • वहीं समाप्त- 25 मार्च 2022, शुक्रवार रात 10:04 बजे होगा।  

4 of 5
शीतला अष्टमी या बसौड़ा कब है? - फोटो : iStock
शीतला अष्टमी का महत्व 
  • सनातन धर्म में शीतला अष्टमी का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन माता शीतला की आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इसके साथ ही रोगों से भी मुक्ति मिलती है, क्योंकि माता शीतला को शीतलता प्रदान करने वाला कहा गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
शीतला अष्टमी या बसौड़ा कब है? - फोटो : iStock
पूजा विधि 
  • शीतला अष्टमी के दिन सुबह स्नान के साफ वस्त्र धारण करें। 
  • पूजा के दौरान हाथ में फूल, अक्षत, जल और दक्षिणा लेकर व्रत का संकल्प लें। 
  • माता को रोली, फूल, वस्त्र, धूप, दीप, दक्षिणा और बासा भोग अर्पित करें। 
  • शीतला माता को दही, रबड़ी, चावल आदि चीजों का भी भोग लगाया जाता है। 
  • पूजा के समय शीतला स्त्रोत का पाठ करें और पूजा के बाद आरती जरूर करें। 
  • पूजा करने के बाद माता का भोग खाकर व्रत खोलें। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें