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Nautapa 2025: आज से नौतपा शुरू, जानें इस दौरान क्यों होती है इतनी गर्मी

Sun, 25 May 2025 07:24 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Nautapa 2025 Kab Lagega: नौतपा का समय गर्मी के अपने चरम पर पहुंचने का होता है, और इसे ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी महत्व दिया जाता है। हालांकि यह समय कठिन होता है, लेकिन इसे प्रकृति और मौसम के चक्र के हिस्से के रूप में समझना चाहिए। 
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nautapa - फोटो : adobe stock
Nautapa Start Date: नौतपा का समय हमेशा गर्मी और सूर्य की प्रचंड तपिश के लिए प्रसिद्ध होता है। इस समय सूर्य देव पृथ्वी के बहुत करीब आ जाते हैं जिससे गर्मी की तीव्रता अपने चरम पर पहुंच जाती है। नौतपा को नवतपा भी कहा जाता है, और यह 9 दिनों की अवधि होती है, जो हर साल सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने पर शुरू होती है। यह एक ऐसी समयावधि होती है, जब सूर्य देव अपनी पूरी शक्ति से पृथ्वी को तपाते हैं। आइए जानते हैं कि 2025 में नौतपा कब शुरू होगा, यह क्यों इतना गर्म होता है, और इस दौरान हमें क्या करना चाहिए।

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nautapa - फोटो : adobe stock
नौतपा क्या है?
नौतपा वह समय होता है जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं। इस समय सूर्य पृथ्वी के सबसे करीब होते हैं, जिससे गर्मी का असर बहुत बढ़ जाता है। जब सूर्य मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब नौतपा समाप्त हो जाता है। यह 9 दिनों की अवधि होती है, जो हर साल मई या जून में आती है।
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nautapa - फोटो : adobe stock
नौतपा 2025 कब शुरू होगा?
2025 में नौतपा 25 मई से शुरू होगा और 8 जून को समाप्त होगा। इस दौरान तापमान अपने उच्चतम स्तर तक पहुँच जाएगा और यह अवधि सबसे गर्म मानी जाएगी। इस दौरान सूरज की गर्मी और तीव्रता में बढ़ोतरी होगी, जिससे बाहर निकलना कठिन हो सकता है।

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nautapa - फोटो : adobe stock
नौतपा के दौरान इतनी गर्मी क्यों होती है?
नौतपा के समय सूर्य देव पृथ्वी के बहुत करीब आ जाते हैं, जिससे सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सीधे और तीव्र प्रभाव डालती हैं। जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में होते हैं, तो इसका असर गर्मी पर पड़ता है। ज्योतिष के अनुसार, रोहिणी नक्षत्र शुक्र देव का होता है, जो सूर्य के शत्रु नक्षत्र के रूप में माना जाता है। यही कारण है कि जब सूर्य और शुक्र एक साथ आते हैं, तो गर्मी अधिक होती है।
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nautapa - फोटो : adobe stock
नौतपा का ज्योतिष से संबंध
ज्योतिष के अनुसार जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में होते हैं, तो यह एक ऐसा समय होता है जब सूर्य और शुक्र की संतान के कारण गर्मी में वृद्धि होती है। शुक्र और सूर्य का यह मिलन अत्यधिक गर्मी का कारण बनता है, जो इस दौरान महसूस होता है।
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nautapa - फोटो : adobe stock
नौतपा के दौरान बरतें ये सावधानी 
  • इस दौरान शरीर को हाइड्रेटेड रखना बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।
  • दिन के उस समय से बचें जब सूरज अपनी पूरी ताकत से चमक रहा हो। बाहर जाने की जरूरत हो तो सिर पर कपड़ा ढककर जाएं।
  • इस दौरान ठंडे पेय पदार्थ जैसे नारियल पानी, जूस आदि का सेवन करें ताकि शरीर ठंडा रहे।
  • इस मौसम में अत्यधिक शारीरिक श्रम से बचें और आराम करें।
  • अगर बाहर जाना जरूरी हो तो अधिकतर समय छांव में रहें और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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