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Saptpadi Vachan: शादी में 7 फेरों के समय लिए जाते हैं ये 7 वचन, जानिए हर मंत्र और वचन का अर्थ

Sat, 27 Jul 2024 06:33 AM IST
शिखर बरनवाल ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Saptpadi Vachan: शादी में 7 फेरों को करते समय पंडित जी 7 वचनों को संस्कृत भाषा में बोलते हैं। पंडित जी द्वारा बोले गए हर एक वचन का एक खास मतलब होता है। आइए इस लेख में विवाह के दौरान लिए जाने वाले 7 फेरों का मतलब और महत्व के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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शादी जोड़ा - फोटो : freepik
हिंदू विवाह संस्कृति में सात फेरे का विशेष महत्व होता है। ये सात फेरे सिर्फ एक रस्म नहीं बल्कि पति-पत्नी के बीच 7 जन्मों का साथ का एक पवित्र बंधन होता है। इन सात फेरों के दौरान दोनों एक-दूसरे को सात वचन देते हैं जो जीवन भर निभाने का वादा होते हैं। एक बार किसी के साथ 7 फेरे ले लिया तो उस रिश्ते को सात जन्मों तक निभाने का वादा करते हैं। विवाह हिंदू धर्म के सोलह संस्कारों में से एक होता है। शादी होते समय पंडित जी कई सारी मंत्र पढ़ते हैं। इन्ही मंत्रों के उच्चारण के साथ ही लड़का और लड़की अग्नि को साक्षी मानकर 7 फेरे लेते हैं और एक दूसरे को 7 वचन देते हैं, जिनका दांपत्य जिवन में काफी महत्व होता है। इसी रश्म के दौरान इन 7 फेरों को करते समय पंडित जी 7 वचनों को संस्कृत भाषा में बोलते हैं। पंडित जी द्वारा बोले गए हर एक वचन का एक खास मतलब होता है। आइए इस लेख में विवाह के दौरान लिए जाने वाले 7 फेरों का मतलब और महत्व के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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शादी जोड़ा - फोटो : freepik
तीर्थव्रतोद्योपन यज्ञकर्म मया सहैव प्रियवयं कुर्याय वामांगमायामि
तदा त्वदीयं ब्रवीति वाक्यं प्रथमं कुमारी !!

अर्थ- इस वचन में कन्या वर से कहती है कि "अगर आप शादी के बाद किसी व्रत-उपवास या किसी धार्मिक स्थान पर जाते हैं तो आप मुझे भी अपने साथ लेकर जाएं। अगर आप इस बात को स्वीकार करते हैं तो मुझे आपके वामांग में आना स्वीकार है।"
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शादी जोड़ा - फोटो : freepik
पुज्यौ यथा स्वौ पितरौ ममापि तथेशभक्तो निजकर्म कुर्या:,
वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रवीति कन्या वचनं द्वितीयम !!

अर्थ- इस दूसरे वचन में कन्या वर से कहती है कि "आप जिस तरह अपने माता -पिता का सम्मान करते हैं, ठीक वैसे ही आप मेरे माता-पिता का भी सम्मान करेंगे। मेरे परिवार की मर्यादा का भी पालन करेंगे। यदि आप मेरे बातों से सहमत हैं तो मैं आपके साथ जीवन यापन के लिए तैयार हूं।"

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शादी जोड़ा - फोटो : freepik
जीवनम अवस्थात्रये मम पालनां कुर्यात,
वामांगंयामि तदा त्वदीयं ब्रवीति कन्या वचनं तृ्तीयं !!

अर्थ- तीसरे वचन में कन्या अपने वर से कहती हैं कि "आप मुझे वचन दीजिए कि जीवन की तीनों मुख्य अवस्थाओं में मेरे साथ खड़े रहेंगे। यदि आप मेरे बातों से सहमत हैं तो मैं आपके साथ जीवन यापन के लिए तैयार हूं।"
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शादी जोड़ा - फोटो : freepik
कुटुम्बसंपालनसर्वकार्य कर्तु प्रतिज्ञां यदि कातं कुर्या:,
वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रवीति कन्या वचनं चतुर्थं !!

अर्थ- चौथे वचन में कन्या वर से कहती है कि "अब तक आप घर-परिवार की चिंता से मुक्त थे। अब आप विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं तो आपको अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाना होगा। अगर आप इस बात को स्वीकार करते हैं तो मुझे आपके वामांग में आना स्वीकार है।"
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Festival list 2024 Calendar - फोटो : freepik
स्वसद्यकार्ये व्यवहारकर्मण्ये व्यये मामापि मन्त्रयेथा,
वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रूते वच: पंचमत्र कन्या !!

अर्थ-  इस पांचवे वचन में कन्या वर से कहती है कि "अगर आप घर परिवार का कोई बड़ा निर्णय ले रहे हैं तो उसमें मेरी भी राय लेंगे। अगर आप इस बात को स्वीकार करते हैं तो मुझे आपके वामांग में आना स्वीकार है।"
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शादी(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
न मेपमानमं सविधे सखीनां द्यूतं न वा दुर्व्यसनं भंजश्चेत,
वामाम्गमायामि तदा त्वदीयं ब्रवीति कन्या वचनं च षष्ठम !!

अर्थ- छठे वचन में कन्या वर कहती है कि "अगर मैं अपनी सखियों के साथ बैठकर कुछ समय बीता रही हूं तो आप उसमें किसी प्रकार का अपमान नहीं करेंगे। साथ ही आप खुद को जुए की लत से दूर रखेंगे। अगर आप मेरी बातों को सहमत हैं तो मैं आपके वामांग में आने को तैयार हूं।
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अमरोहा में नाबालिग का निकाह रुकवाया - फोटो : i
परस्त्रियं मातृसमां समीक्ष्य स्नेहं सदा चेन्मयि कान्त कुर्या,
वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रूते वच: सप्तममत्र कन्या !!

अर्थ-अंतिम यानी सातवें वचन में कन्या कहती हैं कि "आप पराई औरतों को माता और बहन के सामान देखेंगे और पति-पत्नी के प्रेम के बीच में तीसरे किसी भी व्यक्ति को कभी जगह नहीं देंगे।"

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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