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19 को कालाष्टमी व्रत, जानें काल भैरव के आसान उपाय जिनसे शत्रुओं पर मिलेगी विजय

Tue, 17 Dec 2019 02:12 PM IST
योगेश जोशी धर्म डेस्क, अमर उजाला
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कालाष्टमी के दिन भगवान शिव का विग्रह रूप माने जाने वाले कालभैरव की पूजा का विशेष महत्व है
कालाष्टमी के दिन भगवान शिव का विग्रह रूप माने जाने वाले कालभैरव की पूजा का विशेष महत्व है। उन्हें शिव का पांचवा अवतार माना गया है। इनके दो रूप है पहला बटुक भैरव जो भक्तों को अभय देने वाले सौम्य रूप में प्रसिद्ध है तो वहीं काल भैरव अपराधिक प्रवृतियों पर नियंत्रण करने वाले भयंकर दंडनायक है।

भगवान भैरव के भक्तों का अनिष्ट करने वालों को तीनों लोकों में कोई शरण नहीं दे सकता। काल भी इनसे भयभीत रहता है इसलिए इन्हें काल भैरव एवं हाथ में त्रिशूल, तलवार और डंडा होने के कारण इन्हें दंडपाणि भी कहा जाता है। आइए आज कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव के 5 चमत्कारिक उपायों को जानते हैं, जिन्हें करते ही शत्रु बाधा और दुर्भाग्य दूर होता है और सौभाग्य जाग जाता है।
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स्नान-ध्यान के बाद भगवान भैरव के मंदिर में जाएं
  • स्नान-ध्यान के बाद भगवान भैरव के मंदिर में जाकर अबीर, गुलाल, चावल, फूल और सिंदूर चढ़ाएं। भगवान भैरव की कृपा पाने के लिए नीले फूल अवश्य चढ़ाएं। निश्चित रूप से भैरव कृपा होगी और मनोकामना पूरी होगी।
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भगवान भैरव
  • सवा सौ ग्राम काले उड़द, सवा सौ ग्राम काले तिल और सवा 11 रुपए लेकर एक सवा मीटर काले कपड़े में रखकर पोटली बना लें। इसे कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव को अर्पित करें ।

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भैरव बाबा
  • कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव को नींबू की माला या सिर्फ 5 नींबू चढ़ाने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। कालाष्टमी पर किए गए इस उपाय से भैरव बाबा भक्त को जीवन में अपार धन, यश और सफलता प्राप्त होती है। 
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कालाष्टमी के दिन किसी मंदिर में जाकर काजल और कपूर का दान करें
  • तमाम तरह के कष्टों से मुक्ति और कालभैरव भगवान की कृपा पाने के लिए कालाष्टमी के दिन किसी मंदिर में जाकर काजल और कपूर का दान करें। 
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कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव के मंदिर में जाकर चमेली का तेल और सिंदूर अर्पित करें - फोटो : social media
  • धन संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव के मंदिर में जाकर चमेली का तेल और सिंदूर अर्पित करें।
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