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Vasudeva Chaturthi 2026: कब है चैत्र वासुदेव विनायक चतुर्थी? जानें सही तिथि, पूजा मुहूर्त और महत्व

Tue, 17 Mar 2026 01:05 PM IST
Jyoti Mehra ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Vasudeva Chaturthi 2026: वासुदेव विनायक चतुर्थी के दिन लोग विधि-विधान से गणेश जी की पूजा और व्रत करके सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं साल 2026 में यह व्रत कब रखा जाएगा, इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त क्या हैं और कौन से विशेष योग बन रहे हैं।
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चैत्र वासुदेव विनायक चतुर्थी 2026 - फोटो : Amar Ujala
Vasudeva Chaturthi 2026: हिंदू धर्म में वासुदेव चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश को समर्पित एक महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह व्रत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इसे चैत्र विनायक चतुर्थी और मनोरथ चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन लोग विधि-विधान से गणेश जी की पूजा करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं साल 2026 में यह व्रत कब रखा जाएगा, इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त क्या हैं और कौन से विशेष योग बन रहे हैं।

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चैत्र वासुदेव विनायक चतुर्थी कब है? - फोटो : freepik
चैत्र वासुदेव विनायक चतुर्थी कब है?
दृक पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल चतुर्थी तिथि 21 मार्च 2026 को रात 11:56 बजे से शुरू होगी और 22 मार्च 2026 को रात 9:16 बजे तक रहेगी। सनातन परंपरा में उदया तिथि को महत्व दिया जाता है, इसलिए वासुदेव चतुर्थी का व्रत 22 मार्च 2026 को रखा जाएगा। इस दिन भगवान गणेश की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।
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शुभ मुहूर्त - फोटो : freepik
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 4:48 बजे से 5:36 बजे तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 2:30 बजे से 3:19 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 6:32 बजे से 6:56 बजे तक
निशिता मुहूर्त - रात 12:04 बजे से 12:51 बजे तक

चतुर्थी मध्याह्न मुहूर्त - दोपहर 11:15 बजे से 01:41 बजे तक
वर्जित चन्द्रदर्शन का समय - सुबह 08:15 बजे से रात 10:15 बजे तक 

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शुभ योग - फोटो : freepik
शुभ योग
इस वर्ष वासुदेव चतुर्थी पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इस दिन रवि योग और भद्रावास योग का विशेष महत्व रहने वाला है। रवि योग रात 10:42 बजे तक प्रभावी रहेगा, जबकि भद्रावास योग सुबह 10:36 बजे से शुरू होकर रात 9:16 बजे तक रहेगा। इन योगों में भगवान गणेश की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है और इससे सकारात्मक फल प्राप्त हो सकते हैं।
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वासुदेव चतुर्थी का महत्व - फोटो : freepik
वासुदेव चतुर्थी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को रखने और गणेश जी की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सभी कार्यों में सफलता मिलती है। यह व्रत ज्ञान, समृद्धि और मानसिक शांति प्रदान करने वाला माना जाता है। साथ ही इस दिन दान-पुण्य करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है और व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।


 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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