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Tulsi Vivah 2025: तुलसी विवाह कब है? इस बार बन रहे हैं कई शुभ योग, जानें पूजा का महत्व और समय

Sun, 26 Oct 2025 02:16 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Tulsi Vivah 2025 Puja Significance: तुलसी विवाह कार्तिक मास की द्वादशी तिथि को माता तुलसी और शालिग्राम भगवान के विवाह के रूप में मनाया जाता है, जो घर में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक शुद्धता लाता है। साल 2025 में यह पर्व 2 नवंबर को है और शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
 
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तुलसी विवाह 2025 - फोटो : amar ujala
Tulsi Vivah 2025 Puja Shubh Muhurat: हिंदू धर्म में तुलसी विवाह का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। यह पर्व कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन माता तुलसी का विवाह शालिग्राम भगवान के साथ किया जाता है, जिन्हें भगवान विष्णु का प्रतीक माना जाता है। तुलसी विवाह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह घर में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक शुद्धता लाने का माध्यम भी माना जाता है।
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साल 2025 में तुलसी विवाह के अवसर और पूजा का समय विशेष महत्व रखते हैं। इस दिन श्रद्धालु सही मुहूर्त में तुलसी और शालिग्राम की पूजा-अर्चना करते हैं, जिससे सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और घर में सुख-शांति का वातावरण बनता है। आइए जानते हैं कि इस वर्ष तुलसी विवाह की तिथि और शुभ मुहूर्त कब निर्धारित किया गया है।
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तुलसी विवाह कब है? - फोटो : freepik
तुलसी विवाह कब है?
हिंदू धर्म में तुलसी विवाह का अत्यंत महत्व है। हर वर्ष कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि को माता तुलसी का शालिग्राम भगवान के साथ विवाह आयोजित किया जाता है। शालिग्राम को भगवान विष्णु का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इस दिन का आयोजन धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से विशेष फलदायी होता है। साल 2025 में भी तुलसी विवाह का पर्व श्रद्धालुओं के लिए उतना ही महत्वपूर्ण रहेगा।
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तुलसी विवाह कब है? - फोटो : adobe stock
तुलसी विवाह तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि 2 नवंबर 2025 को सुबह 7 बजकर 33 मिनट से आरंभ होगी और 3 नवंबर को सुबह 2 बजकर 7 मिनट पर समाप्त होगी। चूंकि उदयातिथि के अनुसार 3 नवंबर को द्वादशी नहीं है, इसलिए तुलसी विवाह 2025 में 2 नवंबर को ही संपन्न होगा।

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तुलसी विवाह की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त - फोटो : Adobe stock
तुलसी विवाह की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
तुलसी विवाह संपन्न करने के लिए दिन के विभिन्न समयों में निम्नलिखित शुभ मुहूर्त बनाए गए हैं:
  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:59 से 05:49 तक
  • प्रातः संध्या: सुबह 05:24 से 06:39 तक
  • अमृत काल: सुबह 09:29 से 11:00 तक#
  • अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:59 से दोपहर 12:45 तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:04 से 06:30 तक
 
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तुलसी विवाह का महत्व
तुलसी विवाह का महत्व
तुलसी विवाह के दिन माता तुलसी का विवाह भगवान शालिग्राम से किया जाता है, जिन्हें दूल्हे की तरह सजाया जाता है। शालिग्राम भगवान ईश्वरीय शक्ति का प्रतीक हैं, जबकि तुलसी माता को प्रकृति का प्रतिनिधि माना जाता है। इस विवाह के माध्यम से प्रकृति और ईश्वर के बीच की समरसता को दर्शाया जाता है और यह मनुष्य के जीवन में दोनों के महत्व को समझने का अवसर देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी विवाह का आयोजन पारंपरिक विधि से करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। इसके साथ ही घर में समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली आती है। इसे करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक लाभ भी प्राप्त होते हैं।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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