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Maa Durga Aarti Lyrics: जय अम्बे गौरी...मैया जय श्यामा गौरी, यहां पढ़ें देवी दुर्गा की संपूर्ण आरती

Mon, 22 Sep 2025 10:20 AM IST
शिखर बरनवाल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

 Maa Durga Aarti Lyrics in Hindi : शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से प्रारंभ हो रही है और पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होगी। इस विशेष अवसर पर देवी की कृपा पाने के लिए यहां पढ़ें उनकी संपूर्ण आरती, स्तुति और प्रभावशाली मंत्र, जिनसे आपकी पूजा संपन्न और फलदायी होगी।
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शारदीय नवरात्रि 2025 - फोटो : Amar Ujala
Maa Shailputri Aarti Lyrics: शक्ति और साधना का महापर्व शारदीय नवरात्रि इस वर्ष 22 सितंबर 2025, सोमवार से प्रारंभ हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव का पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित है, जो पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं। इस दिन घटस्थापना के साथ देवी के प्रथम स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है। मां शैलपुत्री को धैर्य, स्थिरता और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि नवरात्रि के पहले दिन जो भी भक्त पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ देवी की उपासना करता है, उसे सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है और उसके जीवन में स्थिरता आती है।

इस विशेष दिन पर मां शैलपुत्री की कृपा पाने के लिए उनके कुछ सरल मंत्रों का जाप और आरती करना अत्यंत फलदायी माना गया है। आइए जानते हैं उन मंत्रों और आरती के बारे में जिनसे आप अपनी पूजा संपन्न कर सकते हैं।
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मां दुर्गा की आरती - फोटो : Adobe Stock
जय अम्बे गौरी आरती

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥
जय अम्बे गौरी
माँग सिन्दूर विराजत, टीको मृगमद को।
उज्जवल से दोउ नैना, चन्द्रवदन नीको॥
जय अम्बे गौरी

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै।
रक्तपुष्प गल माला, कण्ठन पर साजै॥
जय अम्बे गौरी
केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी।
सुर-नर-मुनि-जन सेवत, तिनके दुखहारी॥
जय अम्बे गौरी

कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती।
कोटिक चन्द्र दिवाकर, सम राजत ज्योति॥
जय अम्बे गौरी
शुम्भ-निशुम्भ बिदारे, महिषासुर घाती।
धूम्र विलोचन नैना, निशिदिन मदमाती॥
जय अम्बे गौरी

चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे।
मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥
जय अम्बे गौरी
ब्रहमाणी रुद्राणी तुम कमला रानी।
आगम-निगम-बखानी, तुम शिव पटरानी॥
जय अम्बे गौरी

चौंसठ योगिनी मंगल गावत, नृत्य करत भैरूँ।
बाजत ताल मृदंगा, अरु बाजत डमरु॥
जय अम्बे गौरी
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता।
भक्तन की दु:ख हरता, सुख सम्पत्ति करता॥
जय अम्बे गौरी

भुजा चार अति शोभित, वर-मुद्रा धारी।
मनवान्छित फल पावत, सेवत नर-नारी॥
जय अम्बे गौरी
कन्चन थाल विराजत, अगर कपूर बाती।
श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति॥
जय अम्बे गौरी

श्री अम्बेजी की आरती, जो कोई नर गावै।
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख सम्पत्ति पावै॥
जय अम्बे गौरी


 
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चैत्र नवरात्रि: मां शैलपुत्री - फोटो : adobe stock
मां शैलपुत्री आरती 

शैलपुत्री मां बैल असवार। करें देवता जय जयकार।
शिव शंकर की प्रिय भवानी। तेरी महिमा किसी ने ना जानी

पार्वती तू उमा कहलावे। जो तुझे सिमरे सो सुख पावे। 
ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू। दया करे धनवान करे तू। 

सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती तेरी जिसने उतारी। 
उसकी सगरी आस पुजा दो। सगरे दुख तकलीफ मिला दो। 

घी का सुंदर दीप जला के। गोला गरी का भोग लगा के। 
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं। प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं। 

जय गिरिराज किशोरी अंबे। शिव मुख चंद्र चकोरी अंबे।  
मनोकामना पूर्ण कर दो। भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो। 
 

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शारदीय नवरात्रि- मां शैलपुत्री - फोटो : amar ujala
मां शैलपुत्री पूजा मंत्र --

ऊँ देवी शैलपुत्र्यै नमः ।।

या देवी सर्वभूतेषु शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम:।।

वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्।।

 
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नवरात्रि - फोटो : Adobe Stock
मां शैलपुत्री की पूजा विधि
नवरात्रि के पहले दिन प्रातःकाल स्नान के बाद शुभ मुहूर्त में घटस्थापना करें और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद एक चौकी पर मां शैलपुत्री की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। उन्हें सफेद पुष्प, अक्षत, सिंदूर और सफेद चंदन अर्पित करें। मां शैलपुत्री को गाय के घी या घी से बने मिष्ठान्न का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके बाद ऊपर दिए गए मंत्रों का जाप करें और अंत में घी का दीपक जलाकर श्रद्धापूर्वक मां की आरती करें।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन आरती और मंत्रों का जाप करके आप मां दुर्गा को प्रसन्न कर सकते हैं, और मनोवांछित फल की प्राप्ति हो सकती है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।  
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