Shri Durga Ashtottara Shatanama Stotram Path: शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, और सिद्धिदात्री माता की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि का उपवास रखने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही मनोवांछित फलों का योग बनता है। इस बार 3 अक्तूबर 2024 से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, जो 11 अक्तूबर को समाप्त होंगे। दुर्गा विसर्जन 12 अक्तूबर को होगा। इस तिथि पर कलश स्थापना का मुहूर्त: प्रातः 6 बजकर 15 मिनट से प्रातः 7:22 मिनट तक रहेगा। वहीं पूजा के लिए भी कई शुभ योग बन रहे हैं, जिनमें ऐन्द्र योग का नाम मुख्य रूप से शामिल है।
नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं। श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र श्री दुर्गा सप्तशती के मंगलाचरण मंत्रों में से एक है। दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र में मां को प्रसन्न करने के उपाय बताए गए हैं। श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र में दुर्गा मां के 108 नामों का वर्णन किया गया है। सप्तशती में इन नामों को वर्णन भगवान शिव ने किए है और इस बात का उल्लेख किया है कि अगर मां दुर्गा या सती को इन 108 नामों से संबोधित किया जाए को वह हर मनोकामना पूरी करती है। आइए पढ़ते हैं सम्पूर्ण श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र यहां।