फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sharad Purnima 2023: आज है शरद पूर्णिमा, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और खीर का महत्व

Sat, 28 Oct 2023 12:31 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
Sharad Purnima 2023: इस साल कब है शरद पूर्णिमा? - फोटो : अमर उजाला
Sharad Purnima 2023: हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर शरद पूर्णिमा मनाई जाती है। इसे रास पूर्णिमा, कोजागरी पूर्णिमा या फिर कौमुदी व्रत के नाम से भी जाना जाता है। शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा पृथ्वी के अति निकट होता है। कहा जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा से निकलने वाली किरणें अमृत के समान होती हैं, इसलिए इस दिन लोग खीर बना कर रात में चंद्रमा की रोशनी में रखते हैं और फिर प्रसाद के रूप में इसे खाते हैं। शरद पूर्णिमा का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित होता है। ऐसी मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर हमेशा धन-धान्य से भरा रहता है। ऐसे में चलिए जानते हैं शरद पूर्णिमा का महत्व, तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि... 

Dhanteras 2023: इस साल धनतेरस कब है? जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, महत्व और विधि
विज्ञापन

2 of 6
Sharad Purnima 2023: इस साल कब है शरद पूर्णिमा? - फोटो : अमर उजाला
कब है शरद पूर्णिमा 2023?
पंचांग के अनुसार इस साल आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि आज यानी 28 अक्टूबर, शनिवार को प्रातः: 04 बजकर 17 मिनट पर शुरू हो रही है। इस तिथि का समापन अगले दिन 29 अक्टूबर को रात में 01 बजकर 53 मिनट पर होगा। उदया तिथि और पूर्णिमा के चंद्रोदय का समय दोनों ही 28 अक्टूबर को प्राप्त हो रहा है, इसलिए 28 अक्टूबर को ही शरद पूर्णिमा मनाई जाएगी। 
विज्ञापन

3 of 6
Sharad Purnima 2023: शरद पूर्णिमा 2023 पर चंद्रोदय का समय - फोटो : अमर उजाला
शरद पूर्णिमा 2023 पर चंद्रोदय का समय
शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय शाम 05 बजकर 20 मिनट पर होगा। 

Diwali 2023 Date: किस दिन है दिवाली? यहां जानें 5 दिन के दीपोत्सव पर्व की महत्वपूर्ण तिथियां

4 of 6
Sharad Purnima 2023: इस साल कब है शरद पूर्णिमा? - फोटो : iStock
शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की पूजा का मुहूर्त
शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा के लिए रात्रि में 3 शुभ मुहूर्त हैं। शुभ-उत्तम मुहूर्त रात 08 बजकर 52 मिनट से 10 बजकर 29 मिनट तक, अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 10 बजकर 29 मिनट से 12 बजकर 05 मिनट तक और चर-सामान्य मुहूर्त 12 बजकर 05 मिनट तक से 01 बजकर 41 मिनट तक है। रात में इन तीनों मुहूर्त में आप कभी भी मां लक्ष्म की पूजा कर सकते हैं। 
विज्ञापन

5 of 6
Sharad Purnima 2023: इस साल कब है शरद पूर्णिमा? - फोटो : iStock
शरद पूर्णिमा पूजा विधि
  • शरद पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करें। 
  • यदि किसी नदी में स्नान नहीं कर सकते हैं तो घर पर ही पानी में गंगाजल डालकर स्नानादि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। 
  • फिर एक लकड़ी की चौकी या पाटे पर लाल कपड़ा बिछाएं और गंगाजल से शुद्ध करें।
  • चौकी के ऊपर मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें और लाल चुनरी पहनाएं। 
  • इसके बाद लाल फूल, इत्र, नैवेद्य, धूप-दीप, सुपारी आदि से मां लक्ष्मी का विधिवत पूजन करें। मां लक्ष्मी के समक्ष लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें। 
  • पूजा संपन्न होने के बाद आरती करें। फिर शाम के समय पुनः मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करें और चंद्रमा को अर्घ्य दें। 
  • चावल और गाय के दूध की खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखें। 
  • मध्य रात्रि में मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं और प्रसाद के रूप में परिवार के सभी सदस्यों को खिला दें। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
शरद पूर्णिमा पर खीर का महत्व - फोटो : instagram
शरद पूर्णिमा पर खीर का महत्व
शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा से निकलने वाली किरणें अमृत के सामान मानी जाती हैं। यही वजह है कि इस दिन खीर बनाई जाती है और रात में चंद्रमा की रोशनी में रख दी जाती है, जिससे खीर में चांद रोशनी पड़े और इसमें भी अमृत का प्रभाव हो सके। ऐसे में इस दिन आप भी खीर बना कर रात्रि समय चंद्रमा की रोशनी में रखें और उसके बाद खीर का सेवन करें। इससे अच्छा स्वास्थ्य और लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें