शनि प्रदोष व्रत
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शनि प्रदोष व्रत पर रुद्राभिषेक का समय
शनि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव का विशेष रूप से रुद्राभिषेक किया जाता है।
शिववास कैलाश पर: सुबह 8:21 बजे तक।
शिववास नंदी पर: 12 जनवरी, सुबह 6:33 बजे तक।
शिववास भोजन में: इसके बाद शिववास भोजन में रहेगा।
इन विशेष समयों में रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।
2025 का पहला शनि प्रदोष व्रत अद्वितीय योगों और शुभ मुहूर्तों के साथ आ रहा है। यह व्रत न केवल जीवन की बाधाओं को दूर करता है, बल्कि सुख-शांति और संतान सुख का मार्ग भी प्रशस्त करता है। श्रद्धा और भक्ति के साथ इस व्रत का पालन करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
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