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Sawan Shivratri 2024: सावन शिवरात्रि पर इस विधि से करें भगवान शिव का जलाभिषेक, जानें शुभ मुहूर्त

Fri, 02 Aug 2024 09:36 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Sawan Shivratri 2024 - फोटो : Amar Ujala
Sawan Jal Date 2024: इस साल सावन महीने की शुरुआत 22 जुलाई 2024 से हो चुकी है। इसका समापन 19 अगस्त 2024 को होगा। सावन माह के पहले दिन ही सावन सोमवार व्रत रखा गया था। साथ ही इस दिन से कांवड़ यात्रा की भी शुरुआत हुई थी। ये यात्रा महादेव को समर्पित होती है। इस यात्रा में सभी शिव भक्त गंगा तट पर जाते हैं। गंगा में स्नान करने के बाद सभी भक्तजन कलश में गंगा जल भी भरते हैं। फिर इस जल को सावन शिवरात्रि के शुभ दिन पर शिवलिंग पर अर्पित करते हैं।

पंचांग के अनुसार इस साल 2 अगस्त 2024 को सावन शिवरात्रि मनाई जा रही है। ऐसे में जल भी इस दिन चढ़ेगा। इस दौरान कुछ लोग घर पर भी महादेव का जलाभिषेक करते हैं। ऐसे में आइए जलाभिषेक की सही विधि और शुभ मुहूर्त के बारे में जान लेते हैं।
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Sawan Shivratri 2024 - फोटो : istock
सावन शिवरात्रि शुभ मुहूर्त 2024
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 4 बजकर 31 मिनट से 5 बजकर 15 मिनट तक रहेगा।
विजय मुहूर्त – दोपहर 2 बजकर 45 मिनट से 3 बजकर 37 मिनट तक रहने वाला है।
गोधूलि मुहूर्त – शाम 07 बजकर 08 मिनट से 08 बजकर 13 मिनट तक होगा।
निशिता मुहूर्त – रात 12 बजकर 12 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक रहेगा।
सर्वार्थ सिद्धि योग – 2 अगस्त 2024 सुबह 10 बजकर 59 मिनट से 3 अगस्त 2024 को सुबह 6 बजकर 2 मिनट तक रहेगा।
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Sawan Shivratri 2024 - फोटो : freepik
सावन शिवरात्रि पूजा सामग्री
सावन शिवरात्रि की पूजा के लिए इन सामग्रियों को जरूर शामिल करना चाहिए। इससे पूजा का संपूर्ण फल प्राप्त होता है। इस दौरान आप पूजा के बर्तन, पंच मिष्ठान्न, बेलपत्र, धतूरा, भांग, बेर, गुलाल और सफेद चंदन को जरूर रखें। इसके अलावा पंच फल, दक्षिणा, गन्ने का रस, गंगाजल, जल, दूध दही, कपूर, धूप, दीप, रूई, शहद, घी और श्रृंगार की सामग्री को भी रखें।

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Sawan Shivratri 2024 - फोटो : freepik
जलाभिषेक की विधि 
सावन शिवरात्रि के शुभ दिन पर आप सूर्योदय से पहले ही स्नान कर लें। स्नान के बाद साफ वस्त्रों को धारण करें। इसके बाद पूजा की सभी सामग्रियों को एकत्रित कर लें। फिर पूजा करना शुरू करें। सबसे पहले आप शिवलिंग का दूध, दही, शहद, घी, शक्कर, गन्ने के रस से अभिषेक करें। 

फिर आप गंगाजल में काला तिल मिलाकर 108 बार महादेव के महामृत्युजंय मंत्र का जाप करें। इसके बाद इस जल को शिवलिंग पर अर्पित कर दें। धीरे-धीरे महादेव की प्रिय चीजों को अर्पित करते जाएं। अब आप महादेव के समक्ष आटे का चौमुखी दीपक जला लें। फिर शिव मंत्र और शिव चालीसा का पाठ करें। 
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Sawan Shivratri 2024 - फोटो : freepik
 महामृत्युंजय मंत्र
ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व: ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। 
ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।।

शिव जी का मूल मंत्र
ऊँ नम: शिवाय।।

भगवान शिव के प्रभावशाली मंत्र
ओम साधो जातये नम:।। ओम वाम देवाय नम:।।
ओम अघोराय नम:।। ओम तत्पुरूषाय नम:।।
ओम ईशानाय नम:।। ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।।

शिव के प्रिय मंत्र
ॐ नमः शिवाय।
नमो नीलकण्ठाय।
ॐ पार्वतीपतये नमः।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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