फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sawan Purnima 2025: सावन के आखिरी दिन ऐसे करें महादेव को प्रसन्न, बरसेगी विशेष कृपा

Fri, 08 Aug 2025 07:02 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Sawan Purnima 2025: 11 जुलाई 2025 से शुरू हुआ सावन 9 अगस्त 2025 को सावन पूर्णिमा पर समाप्त होगा। इस दिन देशभर में रक्षाबंधन का पावन पर्व भी मनाया जाएगा, जो भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक है....
विज्ञापन
1 of 5
11 जुलाई 2025 से शुरू हुआ सावन 9 अगस्त 2025 को सावन पूर्णिमा पर समाप्त होगा। - फोटो : adobe
Sawan Purnima 2025: 11 जुलाई 2025 से शुरू हुआ सावन 9 अगस्त 2025 को सावन पूर्णिमा पर समाप्त होगा। इस दिन देशभर में रक्षाबंधन का पावन पर्व भी मनाया जाएगा, जो भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। सावन भगवान शिव का प्रिय महीना भी है, इसलिए इस माह की पूर्णिमा तिथि भी शिव भक्तों के लिए बेहद खास मानी जाती हैं। दरअसल, पूर्णिमा पर चंद्रमा अपनी पूर्ण कला में होता है। ऐसे में उनकी पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती हैं। पौराणिक कथा की मानें तो महादेव के विष पीने के बाद उनके शरीर का तापमान गर्म हो गया था, जिसे शांत करने के लिए उन्होंने अपने माथे पर चंद्रमा को धारण किया था। अब चूंकि चंद्रमा महादेव के माथे पर वास करते हैं, इसलिए सावन पूर्णिमा पर शिव और चंद्रमा दोनों को प्रसन्न करने का अवसर भक्तों को मिलता है। ऐसे में आइए सावन पूर्णिमा पर महादेव और चंद्रदेव दोनों को प्रसन्न करने की संपूर्ण पूजा विधि को जानते हैं।

Raksha Bandhan 2025: जानें इस रक्षाबंधन के लिए शुभ मुहूर्त और राशि अनुसार उपाय
विज्ञापन

2 of 5
सावन पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करें। यदि यह संभव नहीं है, तो आप गंगाजल युक्त जल से स्नान करें। - फोटो : adobe
श्रावण पूर्णिमा पूजा विधि
  • सावन पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करें। यदि यह संभव नहीं है, तो आप गंगाजल युक्त जल से स्नान करें।
  • फिर पूजा के लिए सबसे पहले शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी, शक्कर आदि से अभिषेक करें।
  • अब शिव जी को एक बार फिर साफ जल चढ़ाएं। इस दौरान 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप अवश्य करें।
  • फिर महादेव को कुछ फल अर्पित करें।
विज्ञापन

3 of 5
अब उन्हें बेलपत्र, चंदन, शमी के फूल या शहद चढ़ाएं। - फोटो : adobe
  • अब उन्हें बेलपत्र, चंदन, शमी के फूल या शहद चढ़ाएं।
  • इसके बाद शुद्ध देसी घी से दीप जलाकर सुख-समृद्धि की कामना करें।
  • शिव जी के कुछ शक्तिशाली मंत्र का स्मरण करें।
  • सावन पूर्णिमा की कथा और लक्ष्मी नारायण संग शिव जी की आरती करें।
 

Raksha Bandhan 2025: कई वर्षों बाद रक्षाबंधन पर ग्रहों का दुर्लभ संयोग, इन राशि वालों की चमकेगी किस्मत

4 of 5
आप एक लोटे में कच्चा दूध डालकर उससे चंद्रमा को अर्घ्य दें। - फोटो : freepik
  • पूजा के बाद जरूरतमंदों को भोजन खिलाएं।
  • अब रात्रि के समय चंद्रमा की आराधना करें।
  • आप एक लोटे में कच्चा दूध डालकर उससे चंद्रमा को अर्घ्य दें।
  • अंत में पूजा में हुई भूल की क्षमा मांगे।

Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन पर लगभग दो घंटे तक रहेगा राहुकाल, जानें क्या होगा राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
चंद्र देव को नमस्कार करने का मंत्र - फोटो : Freepik
चंद्र मंत्र

ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:।।

चंद्र बीज मंत्र
ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:।।

चंद्र देव को नमस्कार करने का मंत्र
दधिशंख तुषाराभं क्षीरॊदार्णव संभवम्।

 

Raksha Bandhan 2025: श्रवण नक्षत्र और सौभाग्य योग में मनाया जाएगा राखी का पर्व, जानें शुभ मुहूर्त


'

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें